फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: महादिव्य दरबार में खुली पर्चियां, प्रेतों को लगीं चमीटों की मार

Mon, 19 Jan 2026 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
विज्ञापन
फोटो - 28 दिव्य दरबार के लिए जाते हुए लोगों को दर्शन देते बागेश्वर सरकार। संवाद
विज्ञापन
बांदा। जहां विज्ञान खत्म होता है, वहां से अध्यात्म शुरु होता है। इसका एक नजारा पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार में देखने को मिला। आधुनिकता की चकाचौंध में फंसे लोगों हतप्रभ रह गए, जब बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने एक के बाद एक न सिर्फ लोगों को मंच पर बुलाया, बल्कि बिना बताए ही उनके मन के भाव पढ़कर उनकी समस्या जानी और समाधान का भरोसा दिलाया। कथास्थल पर श्रद्धालु उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने एक व्यक्ति की अर्जी स्वीकार कर उसके ऊपर लदे कर्ज की धनराशि का सबके सामने खुलासा कर दिया। वहीं कथा आयोजक व बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण सिंह ने परिवार समेत पंडित धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन

शहर के मवई बाईपास चौराहे पर आयोजित पंच दिवसीय हनुमंत कथा के तीसरे दिन रविवार को बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महा दिव्य दरबार लगाया। इसमें उन्होंने बिना बताए ही लोगों की समस्याएं न सिर्फ जान लीं, बल्कि उनका समाधान भी बताया। दरबार शुरू होते ही पहली अर्जी पिपरहरी गांव के सोनू और दूसरी अर्जी विजय यादव और तीसरी अर्जी शहर के बिजलीखेड़ा मोहल्ला की रहने वालीं प्रीति नाम की महिला की स्वीकार हुई।
अर्जी स्वीकार होने की जानकारी बागेश्वर सरकार ने किसी का नाम पुकारकर तो किसी की पहचान व स्थान बताकर दी। प्रत्येक अर्जी स्वीकार होने पर लाखों श्रद्धालुओं से खचाखच भरा पंडाल संन्यासी बाबा, बागेश्वर धाम सरकार और हनुमान जी महाराज के जयकारों से गूंज उठता था। सोनू मिश्रा ने परिवार की खुशी मांगी तो बरेठी गांव के विजय यादव ने विश्व कल्याण व भारत हिंदू राष्ट्र की अर्जी लगाई। बागेश्वर धाम सरकार ने सभी की अर्जी स्वीकार की और समस्याओं का समाधान बताया। एक के बाद एक उन्होंने करीब दो दर्जन से अधिक लाेगों की अर्जी स्वीकार की और उनकी समस्याओं का समाधान बताया।
विज्ञापन

-
भूत-प्रेतबाधा से पीड़ितों को लगाई चमीटा की मार
जहां वैज्ञानिक युग की चकाचौंध के बीच विज्ञान भूत-प्रेत को सिरे से नकारते हैं, वहीं सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रेतराज सरकार का दरबार लगाया और भूत-प्रेत बाधाओं से पीड़ित मरीजों को चमीटा से मार लगाई। महादिव्य दरबार के बीच भूत-प्रेत रोगियों की जमात जुटी और बालाजी महराज के आदेश पर प्रेतराज सरकार की सेना ने सभी को झूमने पर विवश कर दिया। पीड़ितों को प्रतीकात्मक चमीटा की जमकर मार लगाई गई।
लाखों श्रद्धालुओं से खचाखच भरे भारी भरकम पंडाल में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक पीड़ित पर सवार भूत-प्रेत ने खुलेआम बालाजी सरकार को ही चुनौती दे डाली। उसने तेज आवाज में चीखकर कहा कि जब बागेश्वर धाम में उसका कुछ नहीं बिगड़ा तो यहां उसका क्या बिगड़ सकता है। हालांकि बाद प्रतीकात्मक मार के बाद बागेश्वर धाम सरकार ने उसका उपचार किया तो सबकुछ ठीक हो गया। बागेश्वर धाम सरकार के आदेश के बाद एक एक करके सैकड़ों की संख्या में भूत प्रेत बाधा से पीड़ित महिला-पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग भाव से झूमने लगे। पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सभी का उपचार किया और भभूत के माध्यम से सभी को ठीक करने का दावा किया।

फोटो - 28 दिव्य दरबार के लिए जाते हुए लोगों को दर्शन देते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 28 दिव्य दरबार के लिए जाते हुए लोगों को दर्शन देते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 28 दिव्य दरबार के लिए जाते हुए लोगों को दर्शन देते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 28 दिव्य दरबार के लिए जाते हुए लोगों को दर्शन देते बागेश्वर सरकार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें