फोटो 2- नाव समेत बाढ़ में बहने के बाद बाल-बाल बचा जंग बहादुर। संवाद
पैलानी। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से केन नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब है।
तेज बहाव के बीच शनिवार रात गांव कुकुवाखास का मछुआरा जंगबहादुर (35) नदी किनारे नाव में सो रहा था। तेज बहाव में वह नाव समेत बह गया। परिजन के कहने पर पुलिस और एनडीआरएफ ने तलाश शुरू की। बाद में जंगबहादुर सिंधनकलां गांव के किनारे अपनी नाव में सुरक्षित लेटा मिला। टीम ने उसे रेस्क्यू कर घर पहुंचाया है।
थाना पैलानी क्षेत्र के गांव कुकुवाखास निवासी जंगबहादुर अपनी नाव से मछली पकड़ने का काम करता है। नाव संचालन व मछली से ही उसकी जीविका चलती है। उसके भाई चंद्रबली के अनुसार अनुसार जंगबहादुर की मानसिक हालत भी ठीक नहीं रहती है। वह अधिकतर अपनी नाव में ही नदी किनारे सोता है। शनिवार की रात वह गांव के किनारे अपनी नाव में सोया था।
रविवार की सुबह जब परिजन घाट की ओर गए तो जंगबहादुर व उसकी नाव नहीं मिली। परिजन को आशंका हुई कि नदी के तेज बहाव में जंगबहादुर व नाव डूब गई। परिजन की सूचना पर कुछ ही देर में पुलिस वहां पहुंची और प्रशासन को अवगत कराते हुए एनडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाकर खोजबीन शुरू कराई।
कुछ घंटे के बाद पता चला कि सिंधनकलां गांव जो कुकुवाखास से करीब पांच-छह किलोमीटर दूर है। वहां जंगबहादुर अपनी नाव पर लेटा है। टीम नाव के रास्ते सिंधनकलां पहुंची और नाव समेत जंग बहादुर को गांव लेकर आई और परिजन को सौंप दिया। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि युवक पूरी तरह सुरक्षित है।