फोटो- 05 आयुष भवन में मरीजों को देखते डॉक्टर। संवाद
बांदा। सर्दी शुरू होने के बाद भी त्वचा के रोग लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। जिला अस्पताल के आयुष भवन में प्रतिदिन 100 से 150 रोगी इसका शिकार होकर पहुंच रहे है। त्वचा में लाल चकत्ते पड़ना, खुजली होना व एलर्जी शीत निकलना जैसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि त्वचा के रोग मुख्य रूप से शरीर में गंदगी की वजह से हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के आयुष भवन में चार डॉक्टरों की ओपीडी संचालित है। इनमें इन दिनों अधिकांश रिंगवर्म, शरीर में लाल चकत्ते पड़ना, शीत निकलना आदि के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा खुजली के मरीज शामिल हैं। प्रत्येक डॉक्टर की ओपीडी का आंकड़ा 50 मरीजों का है। मरीजों का कहना है शरीर में एलर्जी की वजह से लाल चकत्ते पड़ रहे हैं। शीत की वजह से खुजली हो रही है।
खुजली के मर्ज में महिलाओं का प्रतिशत ज्यादा बताया जा रहा है। एलर्जी की वजह से महिलाओं को शरीर में लाल चकत्ते पड़ना, सफाई के अभाव में खुजली की शिकायत ज्यादा आ रही है। प्रतिदिन आयुष भवन में ऐसे 100 से 150 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर इन मरीजों को सफाई का ध्यान रखने की बात कह रहे हैं।
आयुष भवन में तैनात डॉ. शाहिद का कहना है कि शुरुआती सर्दी के मौसम में खुजली और शरीर में लाल चकत्ते पड़ने के मरीज कम नहीं हुए हैं। इनमें महिलाओं का प्रतिशत ज्यादा है। त्वचा संबंधी रोग गंदगी की वजह से होते हैं। नमी और गंंदे कपड़े पहनने की वजह से भी होते हैं। रोगी को प्रतिदिन नहाना चाहिए।
धुले साफ कपड़े से शरीर को पोछना चाहिए। इस मौसम में गीले कपड़े कतई न पहने, नहीं तो सर्दी के साथ-साथ त्वचा के रोग भी हो सकते हैं। खुजली व त्वचा रोग होने पर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खाएं।