बांदा। डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर का प्रकोप कम नहीं हो रहा। सुबह और शाम हल्की ठंड और दोपहर को तेज धूप से मौसमी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज के लिए डाक्टरों के कक्षों के बाहर लाइन लगाए नजर आ रहे हैं। घर-घर चल रहे सर्वे में 578 टीमों ने दो दिन में डेंगू लक्षण के छह और मलेरिया के 43 मरीज चिह्नित किए गए हैं।
कोरोना की दूसरी लहर के कहर के बाद सतर्क स्वास्थ्य विभाग संभावित तीसरी लहर की आहट से पहले मौसमी बीमारियों खासकर डेंगू, मलेरिया और बुखार से निपटने में जुटा है। शासन के निर्देश पर सात से 16 सितंबर तक चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत जिले में 578 टीमें लगाई गई हैं।
ये घर-घर सर्वे करने में जुटी हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक डेंगू लक्षण के 6 मरीज चिह्नित किए गए हैं। सभी का अस्पतालों में इलाज हो रहा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को नौ डेंगू संभावित मरीजों की जांच हुई।
इनमें मात्र एक डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया है। उधर, मलेरिया लक्षण वाले 43 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इन सभी की स्लाइड बनाई गई है।
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि दो दिनों में टीमों ने 59 हजार 813 घरों का सर्वे किया है। इनमें 602 बुखार के मरीज पाए गए हैं। उनकी काउंसलिंग रिपोर्ट तैयार की गई है।
रोजाना दो सैकड़ा आ रहे बुखार के मरीज
मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी-पीएचसी में भी मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज ओपीडी में करीब एक हजार मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें लगभग दो सैकड़ा बुखार-जुकाम के मरीज मिले।
प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि उनके यहां चार डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए थे। इनमें तीन ठीक हो चुके हैं और एक मरीज भर्ती है। जिला अस्पताल में लगभग 1500 मरीज ओपीडी में आए।
इनमें डेढ़ सैकड़ा बुखार और खांसी के मरीज पाए गए। खून की जांच कराई गई। फिलहाल सभी वायरल से ग्रसित बताए गए हैं। इस बाबत जिला अस्पताल सीएमएस डा. यूबी सिंह ने बताया कि दवाएं पर्याप्त हैं।
लार्वा निरोधक दवा का हो रहा छिड़काव
नगर पालिका और नगर पंचायत से समन्वय स्थापित कर फागिंग व जलभराव वाले स्थानों/नालियों में लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। सर्वे अभियान में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ियों को लगाया गया है।
शहर में कुल 59 टीमें सक्रिय हैं। कोविड की तीसरी लहर के लिए तैयार किए गए बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। दो दिन के सर्वे में 602 और अब तक कुल 1453 बुखार के रोगी मिले हैं।
- डा. वीके तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी