बांदा। नारियल के छिलकों को उपयोगी उत्पादों में बदलने का मॉडल तैयार करने वाले जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय हरदौली के कक्षा 12 के छात्र आयुष कुमार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इंस्पायर मानक इनोवेटिव अवार्ड की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए प्रदेश के 31 विद्यार्थियों में आयुष का चयन हुआ है। वह 14 और 15 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहा है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता 12 से 14 अक्तूबर तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होगी। यहां आयुष अपने मॉडल का प्रदर्शन करेगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उत्साहित हैं। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता एवं मार्गदर्शक शिक्षक शिवजीत सिंह के निर्देशन में आयुष ने वेस्ट टू वेल्थ मॉडल तैयार किया है।
इसमें खराब नारियल के छिलकों को पायरोलिसिस तकनीक के जरिए उपयोगी उत्पादों में बदलने का प्रयास किया गया है। मॉडल में नारियल के छिलकों से छह उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
इनमें नीली लौ देने वाली बायोगैस, बायोफ्यूल, पाइरोलिसिस ऑयल, मेडिकेटेड साबुन, धुआं रहित कृत्रिम ब्रिकेट्स और धूपबत्ती शामिल हैं। मॉडल का उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ वैकल्पिक ईंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
मॉडल में नारियल के कठोर छिलकों को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है। इस प्रक्रिया से अलग-अलग उपयोगी उत्पाद प्राप्त किए जाते हैं। कम लागत में उपलब्ध कृषि और घरेलू अपशिष्ट से उपयोगी सामग्री तैयार करने की यह पहल खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है।
समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सर्वोदय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने पर जोर दिया जा रहा है। आयुष का राष्ट्रीय स्तर पर चयन प्रदेश के लिए गौरव की बात है।