बुंदेलखंड में फसल की बर्बादी पर रविवार को छह और किसानों की मौत हो गई। मरने वालों में जालौन के तीन, बांदा के दो व महोबा का एक किसान शामिल है।
जालौन में एक किसान ने जहर खाकर जान दे दी, जबकि बांदा में एक किसान ने खुद को गोली से उड़ा लिया। अन्य किसानों की सदमे से मौत हुई है। सभी घटनाओं पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
बांदा में अतर्रा के गांव अनथुवा निवासी रामऔतार कुशवाहा (60) ने दो वर्ष पूर्व बैंक की महोतरा शाखा से एक लाख 20 हजार रुपये कर्ज लिया था। इस वर्ष फसल चौपट होने से दुखी थे। पुत्री रजनी के बताया कि शनिवार रात खेत से लौटे तो ‘अब का हुई?’कहकर बड़बड़ाते रहे । इसी बीच उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई।
मृतक की दो पुत्रियां अभी अविवाहित हैं। उधर, कांग्रेस प्रदेश सचिव पंकज मिश्रा और बसपा नेता डॉ.मधुसूदन कुशवाहा ने किसान की मौत पर अफसोस जताते हुए शासन और प्रशासन से किसानों को तत्काल आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की है। उधर, उप जिलाधिकारी ने कहा है कि नायब तहसीलदार और लेखपाल आदि को भेजकर जांच कराई जा रही है।
इसी प्रकार बिसंडा क्षेत्र के गांव सिकलोढ़ी निवासी रामनरेश द्विवेदी (40) ने रविवार शाम खुद को गोली से उड़ा लिया। भाई ने बताया कि बैंक से 80 हजार रुपये का कर्ज लिया था। अदा न कर पाने की वजह से बैंक के गुर्गे एक सप्ताह से दबाव बना रहे थे। इससे परेशान होकर उसने जान दे दी।
जालौन में डकोर ब्लाक के काबिलपुर गांव निवासी रामबिहारी (48) ने दो एकड़
जमीन पर मटर बोई थी। बारिश और ओलावृष्टि से रामबिहारी की अधिकांश फसल का
नुकसान हो गया था। प्रधान अनिल कुमार का कहना है कि फसलों का नुकसान देख
रामबिहारी काफी परेशान था।
शनिवार की शाम वह खेत से लौटा तो घर पर ही उसने
जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल से उसे झांसी रेफर किया गया। जहां
उसकी मौत हो गई। उसके सिर्फ दो बेटे राघवेंद्र (20) और शैलेंद्र (16) ही
हैं। प्रधान ने बताया कि रामबिहारी पर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज भी है।
ग्रामीण बैंक अजनारी से दो लाख रुपये, सहकारी बैंक कैथारी से 1.50 लाख,
भूमि विकास से तीन लाख के कार्ड के अलावा तकरीबन नौ लाख रुपये साहूकारों से
भी ले रखे थे। एसडीएम डॉ एबी सिंह, कानूनगो उदयनारायण, रामकिशोर आदि भी
मौके पर पहुंचे और घरवालों से पूछताछ की।
यहीं के चुर्खी के गांव खाखरी
निवासी महावीर सिंह(50) पुत्र सोबरन सिंह की 12 बीघा फसल बर्बाद हो गई है।
महावीर ने इसी साल भतीजी की शादी के लिए छत्रसाल ग्रामीण बैंक मुसमरिया से
डेढ़ लाख का कर्ज लिया था। फसल खराब देख उसे कर्ज चुकाने की चिंता सता रही
थी। रविवार की सुबह वह खेतों पर गया था और अचेत हो गया।
अस्पताल ले जाते
समय मौत हो गई। एसडीएम गोरेलाल शुक्ला गांव पहुंचे और परिजनों को सांत्वना
दी। माधौगढ़ तहसील के जगम्मनपुर निवासी भगवान शंकर चौरसिया(55) के सात
बीघा खेत में मसूर व मटर की फसल खराब हो गई। रविवार की सुबह खेत पर ही सदमे
से मौत हो गई। तहसीलदार जयनेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे।
उधर, महोबा के
श्रीनगर के ग्राम ननौरा निवासी रामकिशुन (58) पुत्र महादेव पटेल के 18
बीघा फसल ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद हो गई। रामकिशुन ने साधन सहकारी
समिति लुहेड़ी से 40 हजार रुपये और साहूकारों से चार लाख रुपये कर्ज लिया
था।
शनिवार की शाम परिजन उसे खेत में भोजन देकर वापस लौट आए। रात को परिजन
खेत पर पहुंचे तो वह मृत मिला। एसडीएम प्रबुद्ध सिंह भी पहुंचे। बेटे नृपत
सिंह ने बताया कि कर्ज की वजह से पिता चिंतित थे। सदमे से उसकी मौत हो गई।