बांदा। लापता न्यायालय अभिलेखपाल (लिपिक) की खोजबीन के लिए एडीजी जोन प्रयागराज ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। चार वर्ष पहले न्यायालय अभिलेखपाल इलाहाबाद हाईकोर्ट से लौटते समय दो दिसंबर 2021 से लापता हैं। बेटे आलोक प्रताप ने तिन्दवारी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एडीजी जोन ने इस संबंध में जनपद पुलिस को पत्राचार भी किया है। वहीं, इस मामले में पांच अक्टूबर 2025 को हत्या के उद्देश्य से अपहरण का मुकदमा पंजीकृत हुआ है।
एडीजी जोन प्रयागराज डॉ. संजीव गुप्ता द्वारा किए गए पत्राचार के अनुसार गुमशुदा कामता सिंह निवासी धौसड़, थाना तिन्दवारी जिला बांदा की साल 2021 में थाना तिन्दवारी में गुमशुदगी दर्ज है। कर्मचारी कामता सिंह का अभी तक पता न लगने पर अपर पुलिस अधीक्षक बांदा की अध्यक्षता में 26 सितंबर 2025 को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर डीआईजी चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा एवं पुलिस अधीक्षक बांदा को एसआईटी की जांच एवं कार्यवाही की समीक्षा को निर्देशित किया गया है।
इसको लेकर उनके बेटे आलोक प्रताप सिंह की तहरीर में बताया कि पिता दो दिसंबर 2021 को हाईकोर्ट इलाहाबाद आवश्यक कार्य के लिए गए थे। अपना काम पूरा करने के बाद वह रोडवेज बस स्टॉप सिविल लाइन्स से फतेहपुर होकर बांदा लौट रहे थे। लेकिन वह नहीं पहुंचे। आशंका है कि रास्ते में किसी ने पिता को अपहृत कर कर दिया है।