बांदा जिले में बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पड़री गांव में पिता और चाचा की प्रताड़ना से तंग दो बहनों ने जहर खा लिया। बड़ी बहन की मौत हो गई, छोटी बहन मेडिकल कालेज के आईसीयू में भर्ती है। आरोपी पिता और दो चाचाओं को हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। वे छह माह पूर्व ही पैरोल पर जेल से छूटकर आए हैं।
घटना रविवार रात करीब 11 बजे की है। आरोपी मलखान सिंह शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी रेखा को पीटने लगा। मां को पिटते देख बेटियां प्रियंका (21) और सपना (19) उन्हें बचाने लगीं। इस पर मलखान सिंह ने उन्हें भी पीट दिया। तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी दी। घटना से क्षुब्ध होकर दोनों बहनों ने अपने को एक कमरे में बंदकर लिया और जहरीला पदार्थ खा लिया।
हालत बिगड़ने पर वे बाहर भागीं तब उनके जहर खाने की जानकारी हुई। मलखान ने बेटियों को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। किसी तरह रात 12:30 बजे उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। सोमवार शाम प्रियंका की मौत हो गई। सपना की हालत गंभीर है। डॉक्टर के मुताबिक, उसके लिए 36 घंटे बेहद अहम हैं। पुलिस ने प्रियंका के शव का पोस्टमार्टम कराया।
मृतका के मामा सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जेल से छूटकर आने के बाद मलखान सिंह और उसके भाई सुरेश व राजेश बहन रेखा और दोनों भांजियों को प्रताड़ित कर रहे थे। घरेलू काम मेें कमियां निकालकर पीटते थे। मोबाइल पर बात नहीं करने देते थे। घर से निकलने पर भी रोक लगा दी थी। कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि रेखा देवी की तहरीर पर आरोपी मलखान और उसके दो भाइयों सुरेश व राजेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मलखान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके दोनों भाई फरार हैं।