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एसआईआर : बुंदेलखंड में आबादी में लिंगानुपात 863, वोटर लिस्ट में 803

Fri, 23 Jan 2026 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। एसआईआर के बाद मतदाता सूची में आधी आबादी यानी महिला मतदाताओं के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जनसंख्या में जहां महिलाओं का लिंगानुपात ( जेंडर रेशियो) 863 है। वहीं मतदाता सूची में यह घटकर 803 रह गया है। सीधे 60 की गिरावट दर्ज की गई है। बुंदेलखंड के लगभग सभी जिलों में महिला लिंगानुपात की कमोबेश यही स्थिति है। माना जा रहा है कि एसआईआर में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के नाम ज्यादा कटे हैं।
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प्रदेश में महिला लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर 877 है। जबकि बुंदेलखंड में यह 863 के आसपास है। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय बांदा जनपद में एसआईआर के बाद जारी कच्ची (ड्राफ्ट) वोटर लिस्टों में महिला वोटरों की तादाद उनके लिंगानुपात से 60 कम है। 863 के स्थान पर मात्र 803 है। जबकि महिलाएं मतदान में पीछे नहीं रहतीं। बढ़चढ़ कर वोट डालती हैं। उनकी जागरूकता के लिए सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं रात दिन ढिंढोरा पीट रही हैं।
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बांदा में विधानसभा वार महिला मतदाता लिंगानुपात -
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क्षेत्र पुरुष महिला लिंगानुपात
बांदा 145514 119739 823
बबेरु 170495 132434 777
नरैनी 171036 139078 813
तिंदवारी 164128 131640 802

जनपद में लिंगानुपात
चित्रकूट - 879 महिला प्रति 1000 पुरुष
हमीरपुर - 861 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
महोबा - 878 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
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बबेरू में सबसे कम महिला लिंगानुपात
बांदा जनपद में लिंगानुपात की दृष्टि से सबसे कम महिला मतदाता बबेरू विधान सभा क्षेत्र में हैं। यहां का रेशियो मात्र 777 है। यह जनसंख्या रेशियों से 86 कम है। बांदा सदर क्षेत्र में 802 (लिंगानुपात से 61 कम), नरैनी में 813 (50 कम) और तिंदवारी क्षेत्र में 802 ( 61 कम) है। चारों क्षेत्रों का औसत महिला वोटर लिंगानुपात 803 है। जो जनसंख्या के रेशियो 863 से 60 कम है।
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पौने दो लाख नामों का सफाया
एसआईआर से पहले बांदा जिले में कुल 13,49,521 मतदाता थे। अब यह घटकर 11,74,100 रह गए हैं। एक लाख 75 हजार 429 नामों का लिस्ट से सफाया हो गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार हटाए गए नाम मृतक, स्थायी रूप से पलायन करने वाले, डुप्लीकेट या अनुपलब्ध मतदाताओं के हैं। हालांकि, राजनीतिक दल इसे चुनावी असर के रूप में देख रहे हैं।
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