बांदा/नरैनी। नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों मनोज और युवराज की मौत के बाद दहशत का माहौल है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ गांव की चहल-पहल भी कम हो गई है।
रविवार को एसआईटी ने गांव पहुंचकर करीब दो घंटे तक ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस को अब शेरा उर्फ ओमकार की तलाश है। वह मामले में नामजद है और भवानीदीन के संपर्क में था। पुलिस को उम्मीद है कि शेरा से पूछताछ में वारदात से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
नंदवारा दोहरे हत्याकांड में दर्ज एफआईआर में बसपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के पुत्र महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू, शेरा उर्फ ओमकार, भवानीदीन, अखिलेश, सुरेंद्र नेता, लमबरी, अर्चना और रामलली के नाम शामिल हैं। इनमें भवानीदीन, उसकी पत्नी रामलली, बेटे अखिलेश, लमबरी उर्फ रामप्रसाद और सुरेंद्र नेता को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
शेरा उर्फ ओमकार की तलाश जारी है। वहीं, महेंद्र पाल वर्मा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में बच्चों के परिजन ने हत्या का आरोप लगाया था।
रविवार को एसआईटी ने नंदवारा गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। टीम ने घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के बाद घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया। उन रास्तों को भी देखा, जिनसे दोनों बच्चे घटनास्थल तक पहुंच सकते थे। पुलिस ग्रामीणों से परिचित लोगों के माध्यम से संपर्क कर पूछताछ कर रही है, लेकिन घटना के बाद फैले डर के कारण लोग खुलकर जानकारी देने से बच रहे हैं। अब तक जांच में पीड़ित परिवार के बयान अहम रहे हैं।
पुलिस ने बच्चों से भी बातचीत कर घटना से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। फिलहाल एसआईटी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और नामजद आरोपियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी है। उधर, पुलिस तकनीकी साक्ष्य भी जुटा रही है। पीड़ित और आरोपी पक्ष से जुड़े मोबाइल नंबरों की पड़ताल की जा रही है।
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वर्जन
एसआईटी की जांच चल रही है, पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। एफआईआर में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर पूरी घटना का राजफाश किया जाएगा।
-पलाश बंसल, एसपी।