बादा। चार वर्ष पहले अक्टूबर माह में चाचा को पेट्रोल डालकर जिंदा फूंकने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम की अदालत ने सोमवार को सुनवाई की। दोषी पाए जाने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गौरतलब हो कि फतेहगंज थाना क्षेत्र के जबरापुर कांव निवासी रामभरोसा ने 28 अक्टूबर 2020 को चाचा बिंदा प्रसाद को पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक दिया था। मृतक के बेटै शिवपूजन की तहरीर पर थाना फतेहगंज में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचक पंकज कुमार सिंह ने साक्ष्य संकलित करने के बाद आरोपी केा 30 अक्टूबर 2020 को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। इसके बाद 5 दिसंबर 2020 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायलय प्रथम पल्लवी प्रकाश ने दोषी पाते हुए अभियुक्त रामभरोसा निवासी जबरापुर फतेहगंज को आजीवन कारावस की सजा से दंडित किया। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।