बांदा। एक दशक बाद यह शुभ मुहूर्त आया है कि दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को स्वाती नक्षत्र में मनाई जा रही है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में लक्ष्मी पूजन व दीपदान से शारीरिक कष्टों का हरण होता है। पूरे साल लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
बामदेव संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य अशोक अवस्थी का कहना है कि 10 वर्षों के बाद यह मुहूर्त और संयोग अबकी आया है कि दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को स्वाती नक्षत्र में हो रही है। यह शुभ मुहूर्त शनिवार को शाम 5.22 से 7.12 बजे तक रहेगा। स्वाती नक्षत्र में लक्ष्मी पूजन व दीपदान करने से शारीरिक कष्टों का हरण होता है और पूरे साल लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी पूजन दोपहर 3 बजे से रात 8.09 बजे तक होगा।
ज्योतिषाचार्य उमाकांत त्रिवेदी (कटरा) का कहना है कि धनतेरस का मुहूर्त 12 नवंबर को शाम 6.30 बजे शुरू हो जाएगा। अगले दिन गुरुवार को शाम 6 बजे तक धनतेरस पूजन का मुहूर्त रहेगा। जबकि खरीदारी पूजन के बाद रात्रि 8.33 बजे तक की जा सकेगी। इसके बाद नरक चतुर्दशी लग जाएगी। यह 14 नवबंर को दोपहर 2.18 बजे तक रहेगी।