बांदा। परंपरा के मुताबिक शहर में मनाया जाने वाले चार दिवसीय दशहरे में बुधवार को दूसरे दिन अलीगंज में रामलीला मंचन में श्रीराम के हाथों रावण का वध होने के बाद रावण के पुतले फूंके गए। इसी के बाद आसपास के मोहल्लों में दशहरा मिलन शुरू हुआ। इसके पूर्व मंगलवार को पहले दिन मुख्य दशहरा पूरे जनपद में मनाया गया। शहर में मुख्य प्रागी तालाब रामलीला में राम-रावण युद्ध का मंचन हुआ।
युद्ध के मंचन में रावण के धराशाई होते ही जय श्रीराम नारे गूंज उठे। विधायक प्रकाश द्विवेदी ने राम, लक्ष्मण, सीता के स्वरूपों की आरती उतारी। साथ ही घोषणा की कि एक पखवारे के अंदर अलीगंज रामलीला भवन निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रबंध समिति अध्यक्ष राजेश दीक्षित, प्रबंधक महेश करण मेहता, मंत्री शिवदयाल पांडेय, शंभूनाथ द्विवेदी, मोतीलाल रिछारिया, रामगोपाल साहू और सभासद प्रतिनिधि राहुल सेन आदि उपस्थित रहे। रामलीला में राम की भूमिका सत्यम पांडेय (बांदा) और लक्ष्मण शिवम (छतरपुर) रहे। हनुमान की भूमिका मुन्ना शुक्ला और सीता के स्वरूप में सुंदरा पांडेय रहीं। रामखिलावन ने रावण का रोल अदा किया। दूसरे दिन अतर्रा चुंगी, अलीगंज, खूंटी चौराहा, ईदगाह चौराहा, खाईंपार, गूलरनाका, छावनी, मनोहरीगंज, डीएवी रोड, जिला पंचायत रोड आदि मोहल्लों में दशहरा मिलन चलता रहा।
रावण वध के साथ हुआ दशहरा मिलन
बबेरू/कालिंजर। रामलीला मैदान में दशहरे पर परंपरागत रामलीला मंचन में रावण व मेघनाथ के प्रतीकों का वध आकर्षक रहा। पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंजता रहा। रामलीला प्रबंधक बुद्धप्रकाश अग्निहोत्री, विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाल सिंह, प्रधान प्रतिनिधि केशव प्रजापति, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुधीर अग्रहरि, बसंत गुप्ता आदि मौजूद रहे। इसी के साथ एक-दूसरे को बधाई देते हुए दशहरा मिलन शुरू हो गया।
कालिंजर में अनुष्ठान रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध का मंचन देखने भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। कमेटी अध्यक्ष सरजू प्रसाद कुशवाहा, कामता प्रसाद सोनकर (प्रधान कालिंजर), भाजपा नेता राकेश मिश्रा, शरद तिवारी, नीतेश भदौरिया, विद्यासागर पांडेय, शिवाकांत विश्वकर्मा और प्रधान अतुल सुल्लेरे और सीलोराज आदि शामिल रहे। उधर, नवदुर्गा प्रतिमा बागे नदी में विसर्जित की गईं। विसर्जन जुलूस बाजे-गाजे के साथ निकला। नायब तहसीलदार रामकिशोर शुक्ला व पुलिस बल मौजूद रहा।
आग के हवाले रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला।- फोटो : BANDA