बांदा। वृद्ध को गोली मारकर घायल कर देने के जुर्म में अभियुक्त को सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।
दूसरे
मामले में दलित युवती के साथ सूने घर में छेड़छाड़ के जुर्म में आरोपी को
चार वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
बिसंडा
थाना क्षेत्र के दफ्तरा गांव के पप्पू उर्फ रामानुज ने 12 दिसंबर 2013 को
रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता चुनूबाद को मेवालाल यादव ने तमंचे से
गोली मार दी।
पुलिस ने धारा 307 व 504 का मामला दर्ज कर विवेचना की
और अदालत मेें आरोप पत्र दाखिल कर दिया। एडीजीसी मूलचंद्र कुशवाहा व
शीलेंद्र सिंह परिहार ने पांच गवाह पेश किए।
बुधवार को प्रथम अपर
सत्र न्यायाधीश केेके अस्थाना ने अभियुक्त मेवालाल को धारा 307 में सात
वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 में छह माह की कैद और 500
रुपये जुर्माना, धारा 25 आम्र्स एक्ट में तीन वर्ष की कैद और 5 हजार रुपये
जुर्माना की सजा सुनाई।
उधर, जसपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की
युवती ने 31 अक्तूबर 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 अक्तूबर की रात
करीब 10 बजे वह घर में सो रही थी। पति नहीं था।
सूना मौका पाकर
गांव का छोटेलाल पुत्र रामसनेही शिवहरे घुस आया और उससे छेड़छाड़ करने लगा।
उसने शोर मचाया तो उसका पति आ गया। आरोपी दीवार फांदकर भाग गया।
पुलिस
ने धारा 354, 452 व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। तफ्तीश के बाद
न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र
प्रताप सिंह सेंगर ने चार गवाह पेश किए।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश
(एससीएसटी एक्ट) हरीनाथ पांडेय ने कहा कि अभियुक्त छोटेलाल को धारा 452
में तीन वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 354 एक वर्ष की कैद और
500 रुपये जुर्माना, एससीएसटी एक्ट में चार वर्ष की कैद और एक हजार रुपये
जुर्माने की सजा सुनाई।