बांदा। यूपी के अन्य प्रांतों से शिक्षा हासिल करने
वाले शिक्षामित्रों को अपने अभिलेखों का सत्यापन खुद कराना होगा। सत्यापन
शुल्क की दरें निर्धारित की गई हैं।
इनकी सूची बीएसए कार्यालय में
चस्पा की गई है। शुक्रवार को आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक
में यह मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा।
जिलाध्यक्ष दिनकर अवस्थी ने
बीएसए से हुई वार्ता का हवाला देकर उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि
शिक्षामित्र सत्यापन शुल्क निर्धारित बैंक में जमा करके बैंक ड्राफ्ट और
अंकपत्र संबंधित बीआरसी में जमा करें।
भोपाल (एमपी) से हाईस्कूल और
इंटर करने वालों को तीन सौ रुपये का ड्राफ्ट सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल,
मध्य प्रदेश (भोपाल) के पक्ष में बनवाना है।
सागर विश्वविद्यालय से
शिक्षा लेने वालों को एक हजार रुपये तथा रीवां और ग्वालियर से शिक्षा
ग्रहण करने वालों को दो-दो सौ रुपये की डीडी बनवाकर जमा करना है।
कानपुर
विश्वविद्यालय से शिक्षा लेने वालों को 300 रुपये का ड्राफ्ट बनवाना होगा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि इलाहाबाद बोर्ड से सत्यापन के लिए 19 सितंबर को
सूची प्रेषित की जा चुकी है।
इसी तरह बबेरू और नरैनी की सत्यापन
सूची हाल ही में 22 दिसंबर को प्रेषित की गई है। अध्यक्ष ने बताया कि
सत्यापन समस्या के मुद्दे पर 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे डायट के पास आवश्यक
बैठक होगी।
हर रविवार और छुट्टी के दिन इसी स्थल पर बैठक होती
रहेगी। जब तक सत्यापन की समस्या निपट नहीं जाएगी। एसोसिएशन महामंत्री फूल
सिंह ने कहा कि सत्यापन में शिक्षामित्रों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
प्रवक्ता
राजेश तिवारी ने बताया कि प्रथम बैच के समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन
भुगतान (सितंबर से नवंबर माह तक) के आदेश हो चुके हैं। योगेश शुक्ला ने
सत्यापन में हीलाहवाली बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
संतोष
कुमार, अभिलाषा, इंद्रपाल, धीरज प्रताप सिंह, विष्णुकांत त्रिवेदी ने भी
संबोधित किया। महेंद्र अवस्थी, मीना देवी, योगेश्वर गर्ग, हरनारायण,
राममिलन द्विवेदी, आराधना शुक्ला, सुखदेव प्रसाद, यशवंत, विजय सिंह, राकेश
कुमार भी मौजूद रहे।