बांदा। बुंदेलखंड और कानपुर मंडल के 350 गांवों से गुजरने वाली सात दिवसीय पानी यात्रा पहली जुलाई (शुक्रवार) को यहां से रवाना होगी। यात्रा का उद्देश्य ‘तालाब एवं भूदान चारागाह मुक्ति अभियान’ बताया गया है। इसमें 20 सदस्य शामिल रहेंगे। पानी यात्रा शुक्रवार को सुबह 11 बजे यहां शहर के छाबी तालाब ग्राउंड से शुरू होगी। अभियान संयोजक आशीष सागर ने बताया कि पानी यात्रा में शुक्रवार को डीएफओ, रेंजर आदि भी शामिल होकर छाबी तालाब की रक्षा का संकल्प लेंगे। पहला पड़ाव रात में कबरई के गंजगुगौरा में होगा। अगले दिन महोबा के कीरत सागर में संवाद और वहां से चरखारी में तालाबों का भ्रमण तथा ग्रामीणों के साथ बैठक होगी। चरखारी से राठ प्रस्थान करेगी। चार जुलाई को राठ से उरई तथा कालपी होते हुए कानपुर होकर लखनऊ रवाना होगी। जल ग्राम जखनी के उमाशंकर पांडेय ने इस यात्रा को सराहते हुए सफलता की कामना की। तिंदवारी विधायक दलजीत सिंह भी यात्रा में कुछ देर शरीक होंगे।
आशीष सागर ने बताया कि बुंदेलखंड में सूखा मानव सृजित है। उन्होंने बताया कि पानी यात्रा दरअसल बेस लाइन सर्वे है। समापन पर 8 जुलाई को लखनऊ में राज्यपाल व मुख्यमंत्री को मांग पत्र/श्वेत पत्र सौंपा जाएगा। उसी दिन लखनऊ प्रेस क्लब में मीडिया वार्ता होगी। इस अभियान और यात्रा में अरविंद सिंह, पीयूष बवेले (दिल्ली), सुधीर जैन, प्रो.वीके जोशी, रामबाबू तिवारी (जल बचाओ बिरादरी), नलिनी मिश्रा (इलाहाबाद), कुलदीप कुमार जैन, स्नेहिल सिंह, कृष्ण कुमार मिश्रा (लखीमपुर), सुनील दत्ता (आजमगढ़), डा. विजय पंडित, विजय पाल बघेल, शिवनारायण सिंह परिहार, पंकज परिहार, संदीप रिछारिया (महोबा), जीवनलाल चौरसिया, पंकज सिंह, राघवेंद्र मिश्रा आदि शामिल रहे।