फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ पीड़ितों और मजदूरों का लौट गया सात करोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ पीड़ितों और मजदूरों का लौट गया सात करोड़
विज्ञापन

अन्य योजनाओं का भी 50 करोड़ बजट सरेंडर
बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए दिसंबर में आया था पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बाढ़ पीड़ितों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए आए सात करोड़ रुपये राजस्व विभाग उन तक नहीं पहुंचा पाया। मंगलवार (31 मार्च) को वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर यह पैसा शासन को लौटा दिया गया। इसी तरह कई अन्य विभागों ने भी विभिन्न योजनाओं का 50 करोड़ से अधिक का बजट सरेंडर कर दिया। इसके पीछे अधिकारी लॉकडाउन बता रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों केन-यमुना नदियों की बाढ़ से तबाह हुई फसलों के मुआवजे के लिए जिले को आठ करोड़ की धनराशि मुहैया कराई थी। दिसंबर के अंत में मिले इस बजट में राजस्व विभाग सिर्फ चार करोड़ रुपये ही किसानों को पहुंचा पाया। शेष 4 करोड़ रुपये 31 मार्च को वापस कर दिए। इसी तरह गैर पंजीकृत मजदूरों को एक हजार रुपये तिमाही देने के लिए तीन करोड़ रुपये दिए थे। यह पैसा निकायों को मजदूरों तक पहुंचाना था, लेकिन इसमें धेला नहीं बंटा और पूरा पैसा वापस कर दिया गया। हालांकि इसके पीछे शासन द्वारा बजट देने में लेटलतीफी भी खास वजह है। वित्तीय वर्ष के मात्र तीन दिन पूर्व यह बजट आया था। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष बहादुर सिंह का कहना है कि लॉकडाउन के कारण बजट खर्च नहीं हो सका। सरेंडर करने के बाद सरकार से पुन: बजट की मांग की गई है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में बजट मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट...
डेढ़ अरब के बिलो का हुआ भुगतान
बांदा। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन कोषागार से डेढ़ अरब से अधिक के बिलों का भुगतान हुआ। इनमें गो आश्रय केंद्र, नवोदय विद्यालय, मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, नलकूप, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, चिकित्सा आदि विभाग शामिल हैं। उप कोषाधिकारी भोला प्रसाद का कहना है कि बिलों का भुगतान नियमों के अनुरूप किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें