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Banda News: सर्वर और टोकन ने खूब छकाया, किसानों ने फिर जाम किया बांदा-टांडा हाईवे

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फोटो 19-मंडी समिति स्थित पीसीएफ केंद्र में ई-पास मशीन में नेटवर्क का इंतजार करते केंद्र प्रभारी
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बांदा। खाद की मारामारी कम नहीं हो रही है। मंडी समिति बांदा में खाद के तीन सेंटरों में दो ही खुले हैं। यूपी एग्रो का खाद बिक्री केंद्र कई दिनों से बंद है। बुधवार को सुबह किसान खाद के लिए लाइन में लग गए। ई-पॉस मशीन काम न करने की वजह से उन्हें खाद नहीं मिल पाई। इससे आक्रोशित किसान बांदा-टांडा हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगाकर नारेबाजी की।
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करीब एक घंटे तक जाम लगने के कारण दोनों तरफ वाहनों की कतारों लग गईं। एसडीएम सदर ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पुलिस की उपस्थिति में टोकेन के जरिए खाद का वितरण कराया। ई-पास मशीन न चलने से एक दिन पहले के टोकन पर करीब 701 किसानों को खाद मिल पाई।



सहकारी समितियों व पीसीएफ के खाद बिक्री केंद्रों में खाद का स्टॉक तो पर्याप्त है, पर किसानों को नहीं मिल रही है। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि ई-पास मशीन में नया सॉफ्टवेयर अपलोड किया गया है। इस वजह से यह काम नहीं कर पा रहा है। बिना ई-पास मशीन के खाद बिक्री पर रोक है। शहर स्थित मंडी समिति में पीसीएफ, डीसीडीएफ और यूपी एग्रो के तीन खाद बिक्री केंद्र हैं। इनमें से पीसीएफ और डीसीडीएफ ही संचालित हो रहा है। यूपी एग्रो में ताला लटका हुआ है।
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मंडी समिति में तिंदवारी, पैलानी और बड़ोखर क्षेत्र के करीब दो सौ गांवों के किसान खाद लेने आते हैं। पिछले तीन दिनों से मंडी समिति में करीब एक हजार किसान खाद के लिए पड़े हैं। पूरी रात किसान टोकन बंटने का इंतजार करते रहे। सुबह छह बजे टोकन के लिए लाइन में लग गए। करीब 100 किसानों को टोकन दिए गए। नौ बजे जब काउंटर खुला तो ई-पास मशीन ने धोखा दे दिया। इससे किसानों का गुस्सा बढ़ गया और नारेबाजी करते हुए बांदा-टांडा हाईवे पर पहुंच गए। यहां घूंघट में आईं महिला किसान भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में करीब 500 किसानों के शामिल होने से पूरा मार्ग बंद हो गया।
करीब एक घंटे तक चले जाम में दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बहुत से वाहन चालक वापस लौटे और बाईपास के रास्ते निकले। पुलिस चौकी से इंचार्ज व कुछ जवान पहुंचे और जाम हटवाने का प्रयास किया, पर किसान नहीं माने। इसके बाद एसडीएम सदर नमन मेहता पहुंचे और किसानों को समझाकर हटवाया। इसके बाद पुलिस की उपस्थिति में टोकेन के जरिए खाद बांटी गई। एक आधार कार्ड व खतौनी में दो-दो बोरी खाद दी गई। किसानों ने बताया कि मंगलवार को जो टोकन दिए गए थे, उसी पर ही खाद आज दी जा रही है। आज जो कूपन दिए गए हैं, उनकी कोई सुनवाई नहीं है।


चित्रकूट मेला बना बाधा, रैक से बिक्री केंद्रों में नहीं पहुंच सकी खाद

पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवीण यादव ने बताया कि मंगलवार की रात यूरिया व डीएपी खाद की एक रैक लगी है। सुबह से ट्रकों के जरिए लोड कर खाद सीधे समितियों व अन्य खाद बिक्री केंद्रों में भेजी जानी थी लेकिन चित्रकूट मेले की वजह से पुलिस प्रशासन ने ट्रकों को रोक दिया। चिल्ला रोड और अतर्रा रोड में करीब 20 ट्रक खाद लोड किए सुबह आठ बजे से शाम छह बजे खड़े रहे। आरएम ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी बात की और खाद के ट्रक निकालने का आग्रह किया, पर उनकी बात नहीं मानी गई। सेंटरों में खाद न पहुंच पाने से किसान व केंद्र प्रभारी परेशान रहे।



ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही खाद की मारामारी



सहकारी समिति गिरवां के उप केंद्र देवीजी खत्री पहाड़ में बुधवार की रात से ही डीएपी खाद के लिए किसानों की लाइन लग गई। समिति में एक ट्रक डीएपी आई। 150 किसानों को कूपन दिए गए। प्रत्येक को दो बोरी डीएपी व एक बोरी यूरिया दी गई। काफी किसान खाद पाने से वंचित रह गए। किसानों ने बताया की सुबह छह बजे से लाइन लगाए हैं। शाम चार बजे नंबर आया है। तमाम किसानों को बिना खाद के ही लौटना पड़ा। किसानों ने बताया की धान की फसल खराब हो रही है।
दक्षिणी सहकारी समिति तिंदवारी में भी 150 किसानों को टोकेन देकर खाद बांटी गई। प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार को टोकन के माध्यम से यूरिया वितरित की जाएगी। काफी किसान खाद से वंचित रह गए। ओरन सहकारी समिति में खाद न मिलने के कारण गुस्साए किसानों ने नगर के मुख्य चौराहे पर बैठकर जाम लगा दिया। नायब तहसीलदार राजीव यादव व थाना उपनिरीक्षक बिसंडा लाला राम ने किसानों को समझा-बुझा कर खाद दिलवाने का भरोसा देकर जाम खुलवाया। लगभग तीन घंटे जाम लगा रहा। किसानों ने सचिव पर खाद वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। सहकारी समिति प्रभारी सचिव रमेश प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि यहां पर पर्याप्त मात्रा में खाद है, दूर-दूर से किसान आकर भीड़ लगा लेते हैं। इससे बांटने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
किसी तरह टोकन मिला, पर खाद नहीं मिली

नरैनी के बड़ेहा गांव से करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय कर आए हैं, तीन दिन हो गए आज टोकन किसी तरह मिला है, पर खाद का नंबर नहीं आया है। कहा जा रहा है कल आइएगा।-पूनम, ग्राम बडेहा।


नहीं मिली खाद
दो बोरी खाद यूरिया व दो बोरी डीएपी खाद की जरूरत है। 20 दिन पहले धान की रोपाई की गई थी, बिना खाद के पीली पड़ गई है। खाद न मिली तो पूरा परिवार भूखों मर जाएगा। कुछ समझ नहीं आता क्या करें। -मुन्नी देवी, ग्राम महोखर।

फोटो 19-मंडी समिति स्थित पीसीएफ केंद्र में ई-पास मशीन में नेटवर्क का इंतजार करते केंद्र प्रभारी

फोटो 19-मंडी समिति स्थित पीसीएफ केंद्र में ई-पास मशीन में नेटवर्क का इंतजार करते केंद्र प्रभारी

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