बांदा। हार्पर क्लब से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में बड़ा फैसला आया है। चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त ने हार्पर क्लब के सचिव द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए 16 दिसंबर 2024 को सब-रजिस्ट्रार, झांसी द्वारा पारित आदेश को विधिसम्मत माना है। साथ ही जिलाधिकारी, जो क्लब के पदेन अध्यक्ष हैं, को क्लब के सर्वांगीण विकास और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मामला क्लब की सदस्यता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर 16 दिसंबर 2024 को सब-रजिस्ट्रार, झांसी ने आदेश जारी कर क्लब से निष्कासित धर्मेंद्र सिंह गौतम सहित अन्य सदस्यों की सदस्यता बहाल कर दी थी। इसके साथ ही बाइलॉज के विपरीत बिना निर्धारित शुल्क के बनाए गए सरकारी अधिकारियों की सदस्यता समाप्त करने व वर्ष 2016 से 2023 के बीच हुए चुनावों को अवैध घोषित किया गया था। उन चुनावों के आधार पर गठित समितियों द्वारा लिए गए सभी निर्णय भी अमान्य घोषित किए गए थे।
इस आदेश के खिलाफ हार्पर क्लब के सचिव मनीष श्रीवास्तव ने फरवरी 2025 में मंडलायुक्त न्यायालय में अपील दाखिल की थी। करीब 16 माह तक चली सुनवाई के बाद 24 जून को मंडलायुक्त ने अपील निरस्त करते हुए सब-रजिस्ट्रार के आदेश को सही ठहराया।
सुनवाई के दौरान मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया। जांच में क्लब के संचालन में कई अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार क्लब में आय-व्यय का समुचित लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं मिला, जिलाधिकारी की अनुमति के बिना भुगतान किए गए, वर्षों से बैंक खाते का नियमित संचालन नहीं हुआ, बैलेंस शीट में आय-व्यय का स्पष्ट विवरण भी नहीं पाया गया।
मंडलायुक्त ने इन अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी को क्लब के प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को वादी धर्मेंद्र सिंह गौतम ने मंडलायुक्त के आदेश की प्रति जिलाधिकारी व हार्पर क्लब के पदेन अध्यक्ष को सौंपते हुए सब-रजिस्ट्रार, झांसी के आदेश को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग की।