मशहूर नूडल ब्रांड मैगी में खतरनाक तत्व पाए जाने के बाद देश-प्रदेश में मैगी के खिलाफ जांच-पड़ताल और छापेमारी चल रही है। इस बीच चित्रकूटधाम मंडल में भी यह अभियान शुरू हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मंडल के चारों जिलों में छापे मारकर मैगी नूडल्स के नौ नमूने सील किए।
इन्हें जांच के लिए लखनऊ लैब भेज दिया गया है। अगले माह इसकी रिपोर्ट आएगी। कमी मिलने पर इसे बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। देश के कई स्थानों पर मैगी नूडल की जांच में मिले खतरनाक तत्वों के बाद केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग तक इस मामले में चौकन्ना हो गया है।
चित्रकूटधाम मंडल में भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सक्रिय हुआ है। मंडल के चारों जिलों से शुक्रवार और शनिवार को मैगी के कुल नौ नमूने लेकर उन्हें सील बंद कर जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। इनमें हमीरपुर में तीन और बांदा, चित्रकूट व महोबा मेें दो-दो नमूने लिए गए हैं।
चित्रकूटधाम मंडल के खाद्य सुरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि मैगी में एमएसजी (मोनो सोडियम) निर्धारित मानक से ज्यादा पाए जाने पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एमएसजी केमिकल स्वाद बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है। साथ ही इसका सेवन करने वाला कुछ ही दिन में इसका लती बन जाता है।
एमएसजी शरीर के नर्वस सिस्टम पर बुरा असर डालता है। 12 माह तक के बच्चे को तो यह बेहद नुकसानदेह है। इसके अलावा ज्यादा उम्र वालों को भी इसका सेवन हानिकारक है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि मैगी के जो नमूने सील किए गए हैं, वे चारों जिलों में एक ही बैच के पाए गए हैं।
जून माह में अभियान चलाकर हर कंपनी के नूडल्स के नमूने लेकर जांच को भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगले माह नमूनों की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। उसी के मुताबिक अगली कार्रवाई होगी। अभिहित अधिकारी ने यह भी बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हाल ही में कालूकुआं स्थित रवि इंटरप्राइजेज में कार्बोनेटेड वाटर के दो नमूने लेकर जांच को भेजे गए हैं।
इसके अलावा तिंदवारी में बिना लाइसेंस चल रहे अजय कुमार गुप्ता उर्फ पुत्तन के खाद्य प्रतिष्ठान में छापा मारकर सोहन पापड़ी और मेथी के नमूने लेकर जांच को भेजे गए हैं।