बांदा। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दूसरे चरण में अब तक 50 बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। यह आवेदन छह अप्रैल से लिए जा रहे हैं। इनका प्रवेश लाटरी पद्धति से 28 अप्रैल को किया जाएगा।
जिला समन्वयक सूर्य प्रकाश ने बताया कि पहले चरण में 25 मार्च तक आवेदन स्वीकार किए गए थे। दूसरे चरण में 6 अप्रैल से 23 अप्रैल आवेदन लिए जा रहे हैं। दूसरे चरण के बच्चों का प्रवेश 28 अप्रैल को लाटरी पद्धति से किया जाएगा। नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के तहत जनपद के सभी निजी स्कूलों को पहली कक्षा की 25 प्रतिशत सीटों पर दुर्बल व अलाभित समूहों के बच्चों को प्रवेश देना होगा। इसके लिए निजी स्कूलों को सरकार शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए प्रति बच्चा 450 रुपये प्रतिमाह की दर से अनुदान देती है।
यदि बच्चे की पढ़ाई पर आने वाला खर्च 450 रुपये से कम होगा तो स्कूल को वास्तविक खर्च के भुगतान की व्यवस्था है। प्रत्येक छात्र के हिसाब से 5400 रुपये की धनराशि विद्यालय के खाते में भेजी जाती है। अभिभावकों को निजी स्कूल के हिसाब से किताब और कॉपियों, यूनिफार्म की व्यवस्था करने के लिए सरकार अलग से इंतजाम करती है। अभिभावकों के खाते में इस मद से 5000 रुपये प्रतिवर्ष भेजे जाते हैं।
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अलाभित और दुर्बल श्रेणी
अलाभित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग, नि:शक्त बच्चा, एचआईवी व कैंसर पीड़ित माता-पिता अथवा अभिभावक का बच्चा या निराश्रित बेघर बच्चा शामिल किया है। दुर्बल वर्ग में बच्चे के माता-पिता या संरक्षक गरीबी रेखा के नीचे, दिव्यांग, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन धारक या जिनकी अधिकतम वार्षिक आय एक लाख रुपये हो।