परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वालीं दिव्यांग बालिकाओं को विद्यालय में उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति पर 200 रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति मिलेगी। यह योजना इसी सत्र से लागू कर दी गई है।
चित्रकूटधाम मंडल में लगभग 4000 दिव्यांग बालिकाएं हैं। इनमें मात्र 321 बालिका ही इस योजना के दायरे में आएंगी। उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति है।
दिव्यांग बालिकाओं की स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए शासन ने यह योजना लागू की है। योजना के अंतर्गत हर वर्ष 10 माह तक यह छात्रवृत्ति मिलेगी। अप्रैल और जून में यह छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने चित्रकूटधाम मंडल में योजना के तहत पात्र पाई जाने वाली बालिकाओं को चिन्हित कर लिया है। इनमें सबसे ज्यादा 200 दिव्यांग बालिकाएं महोबा की हैं।
बांदा में 50, चित्रकूट में 40 और हमीरपुर में 31 दिव्यांग बालिकाएं शत-प्रतिशत उपस्थिति पर चयनित की गई हैं। शत-प्रतिशत उपस्थिति न होने पर अधिकतम उपस्थिति के आधार पर चयन होगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तर पर गठित कमेटी के अनुमोदन के बाद छात्रवृत्ति की राशि बालिकाओं के खाते में भेजी जाएगी। चित्रकूटधाम मंडल के अपर निदेशक (बेसिक) गंगाचरण राजपूत का कहना है कि बालिकाओं से आवेदन, बैंक की पास बुक व कम से कम 40 फीसदी दिव्यांगता का प्रमाणपत्र मांगा गया है।
जिला स्तरीय कमेटी के अनुमोदन के बाद छात्रवृत्ति की धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति खाते में भेजी जाएगी। स्कूल प्रबंध समिति यह धनराशि बालिकाओं के खाते में भेजेगी।
परिषदीय स्कूलों की प्रबंध समितियों को उनके कर्तव्य और दायित्वों के बारे में जानकारी देने के लिए दो नवंबर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डॉयट), बांदा में ब्लाक स्तरीय प्रबंध समिति संदर्भदाताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण होगा। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अरविंद अस्थाना ने बताया कि प्रत्येक विकास खंड क्षेत्र से चार शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। यह प्रशिक्षक विद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण देंगे।