बांदा। प्रशिक्षण के साथ ही जिले के 21 युवाओं को रोजगार मिल गया। माइक्रो इरीगेशन कंपनियों ने साक्षात्कार के बाद उन्हें चयनित कर लिया। कृषि विश्वविद्यालय में उद्यान विभाग द्वारा ग्रामीण युवाओं को चार दिवसीय माइक्रो इरीगेशन सिस्टम संचालन व रख रखाव प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार ने ड्राप मोर क्राप और माइक्रो इरीगेशन योजना की जानकारी दी। कहा कि योजना के माध्यम से युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर गांव में ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि 50 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और उनमें से 21 युवा रोजगार के लिए माइक्रो इरीगेशन कम्पनियों द्वारा चयनित कर लिए गए। प्रशिक्षण में प्रदेश की 11 माइक्रो इरीगेशन कम्पनियों ने प्रतिभाग किया।
माधुरी फाउण्डर एग्रीनेक्शट पुणे, दीपक माथुर लीड एवंडेड सेल लखनऊ, प्रदीप ने प्रशिक्षार्थियों को माइक्रो इरीगेशन सिस्टम संचालन व रख रखाव विस्तार से जानकारी दी।कृषि विश्वविद्यालय के कृषि प्रसाद डायरेक्टर डा. एनपी बाजपेयी, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डा. श्याम सिंह आदि ने औद्यानिक/कृषि फसलों में ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम एवं जल संरक्षण के महत्व के बारे में बताया। अंत में प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गये। उद्यान निरीक्षक अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।