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सरिता के पर्चे से सपा-बसपा में खलबली

Fri, 01 Jan 2016 11:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में ऐन मौके पर सरिता द्विवेदी के पर्चा दाखिल किए जाने से सपा और बसपा खेमों में खलबली मच गई।
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सबसे तगड़ा झटका सपा के रणनीतिकारों को लगा है। नाम वापस न लिया और चुनाव मैदान में डटी रहीं तो चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं।

सरिता के पति प्रकाश द्विवेदी यूपी सहकारी फेडरेशन (कोआपरेटिव सोसाइटी) के अध्यक्ष हैं। किसी दल में सक्रिय रूप से कभी नजर नहीं आए। अलबत्ता खनिज कारोबार में ही लगे रहकर ‘न काहू से दोस्ती न काहू से बैर’ की तर्ज पर पहचान बनाए रखी।

पत्नी को निर्दलीय चुनाव लड़ाकर जिताया। कुछ दिनों चर्चाएं रहीं कि सपा उन्हें प्रत्याशी बना सकती है। सपा के कुछ दिग्गज गुपचुप ढंग से इसकी कोशिश भी करते रहे।
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दूसरी तरफ विरोधी खेमा भी सक्रिय रहा। अंतत: टिकट नहीं मिला। हालांकि हरेक की जुबान पर यही है कि अध्यक्ष पर वोट के बदले नोट की चल रही परंपरा मेें प्रकाश द्विवेदी सब पर भारी पड़ सकते हैं।

अंतिम दिन ऐन मौके पर नामांकन पत्र खरीदकर सरिता ने पर्चा दाखिल कर दिया। पति प्रकाश द्विवेदी भी मौजूद थे। प्रस्तावक भाजपा के जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिपाठी बने।

सरिता के नामांकन से सबसे ज्यादा खलबली सपाई खेमे में मची। कलेक्ट्रेट परिसर में डटे दिग्गज सपा नेताओं के साथ प्रकाश द्विवेदी कुछ देर बैठे भी और हंसी मजाक भी किया।
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यह भी चर्चा है कि सपा, बसपा और भाजपा के कुछ सदस्य सरिता के पाले में आ सकते हैं। उन्हेें इसी पाले में अपना नफा दिख रहा है। एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य इसके लिए सक्रिय भी नजर आ रहे हैं।
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