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मुस्लिम मुद्दे पर मंथन कर सकता है संघ नेतृत्व

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बांदा/चित्रकूट। सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत द्वारा मुस्लिमों के प्रति चार दिनों पूर्व गाजियाबाद में दिए गए बयान पर चित्रकूट में हो रही चार दिवसीय महा बैठक में मंथन हो सकता हैं। साथ ही संघ के कुछ बड़े सारथियों की जिम्मेदारियों में बदलाव भी संभावित है।
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धर्मनगरी में कम से कम चार दिन चलने वाली महा बैठक को लेकर पूरे देश और खासकर सियासी दलों की निगाहें हैं। हालांकि संघ ने कोई ऐसा स्पष्ट संकेत नहीं दिया है कि बैठक में क्या-क्या तय होगा? नानाजी देशमुख की कर्मभूमि में हो रही बैठक के बारे में कोई भी संघ पदाधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
उधर, माना जा रहा है कि संघ नेतृत्व अन्य मुद्दों के अलावा डॉ. मोहन भागवत द्वारा चार दिन पहले गाजियाबाद में मुस्लिमों को लेकर दिए गए बयान से जुड़ी बातों पर भी चर्चा कर सकता है। सर संघचालक द्वारा मुसलमानों के साथ हिंदुओं के रिश्ते और दोनों का डीएनए एक ही बताया गया है। उनका यह नजरिया अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव को जोड़कर भी देखा जा रहा है। यूपी में बड़ी तादाद में मुस्लिम आबाद हैं।
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दूसरी तरफ सर संघचालक के बयान से संघ में ही वैचारिक गरमाहट की सुगबुगाहट है। गाजियाबाद में डॉ. भागवत ने कहा था कि यदि कोई हिंदू कहता है कि मुसलमान यहां नहीं रह सकता, तो वह हिंदू नहीं है। यह भी कहा है कि भारत को विश्व गुरु बनने के लिए मुसलमानों का साथ आना जरूरी है। उन्होंने मुस्लिमों को संघ की शाखाओं में शामिल होने का आह्वान भी किया।
अगले साल की तय होगी रणनीति
बांदा। चार दिन होने वाली बैठक में संघ अगले पूरे साल की रणनीति तय करेगा। यह भी संभावना है कि कुछ बड़े पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर दिया जाए। संघ के सभी महत्वपूर्ण निर्णय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में ही लिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि चित्रकूट की बैठक में संघ की भारतीय कार्यकारिणी के 30 पदाधिकारी ही खुद उपस्थित रहेंगे। प्रांत प्रचारक आदि वर्चुअल/ऑनलाइन प्रतिभाग करेंगे। यह आम चर्चा है कि संघ अपनी बैठक में यूपी विधान सभा चुनाव पर खास फोकस रखेगा।
माननीयों और नेताओं को नो इंट्री
बांदा। संघ की महा बैठक में यूपी और एमपी दोनों ही सूबों के भाजपा नेता और पदाधिकारी या इन सरकारों के मंत्रियों को इंट्री नहीं मिलेगी। चारों दिन बैठकें शुद्ध रूप से संघ के तयशुदा मानक के अनुसार ही होगी। कुछ लोगों ने यह कयास लगाया जा रहा है कि इस दौरान किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृहमंत्री अमित शाह उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
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