बांदा। बालू खदानें शुरू होते ही पट्टाधारकों की मनमानी पर ग्रामीणों का आक्रोश उभरने लगा है। ग्राम प्रधान और स्कूलों के प्रधानाध्यापक भी विरोध कर रहे हैं। सदर तहसील के मटौंध थाना क्षेत्र के उजरेहटा गांव को बालू ठेकेदारों द्वारा उजाड़ने की कवायदें की जा रहीं हैं। यहां बना बंधा तोड़कर बालू ट्रकों का रास्ता बनाया गया है।
उजरेहटा ग्राम प्रधान अजय यादव ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि हाल ही मेें मनरेगा से गांव में खड़ंजा का निर्माण कराया गया है। इसी रास्ते में अछरौंड़ संपर्क मार्ग पर वर्ष 2014-15 में लाल डस्ट डाली गई थी। अभी इस रास्ते का निर्माण चल रहा है। यहां वर्ष 2014-15 में भूमि संरक्षण विभाग ने बंधा बनाया है। प्रधान ने कहा कि अछरौंड़ खदान संख्या-2 के पट्टाधारक ने बंधे को तोड़कर बालू के ट्रक का रास्ता बना दिया है। ग्राम पंचायत की बैठक में कहा गया है कि ट्रकों से खड़ंजा मार्ग भी ध्वस्त हो जाएगा। इसी मार्ग में पूर्व माध्यमिक स्कूल भी है। बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है। प्रदूषण भी हो रहा है। एक तरह से गांव उजाड़ने की कोशिश है। तत्काल बालू ट्रकों को रोका जाए।
उधर, उजरेहटा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामनारायण त्रिपाठी और अध्यापक राकेश कुमार तथा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक नीरज कुमार और प्रबंध समिति अध्यक्ष आदि ने सामूहिक हस्ताक्षरों से बीएसए को दी अर्जी में कहा है कि स्कूल के पीछे से बालू ट्रक व ट्रैक्टर का रास्ता बनाया जा रहा है। यह बच्चों के लिए खतरा है।
दबंगईपूर्वक बना रहे खदान का रास्ता
तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदा गांव में कृषि भूमि पर बालू खदान का रास्ता बनवाएं जाने का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए डीएम को शिकायती पत्र दिया है। लक्ष्मण सिंह व रामचंद्र सिंह पुत्रगण कामता सिंह और शिवविनोद सिंह व ब्रजनारायण सिंह पुत्रगण रामसनेही ने अर्जी में कहा है कि उनकी भूमिधरी पर जबरन बेंदा खदान के पट्टाधारक रास्ता बनवा रहे हैं। मना करने पर दबंगई करने पर झगड़ा करने पर आमादा है। रास्ता बनने से उनकी खेती प्रभावित होगी। रास्ता रोके जाने की मांग की है। उधर, ग्रामीणों के शिकायती पत्र पर जिलाधिकारी ने एसडीएम और क्षेत्राधिकारी सदर को स्थलीय और अभिलेखीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए है।