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अवैध खनन में बालू का टीला ढहा, मजदूर की मौत

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नरैनी। अवैध खनन करते समय बालू का टीला ढह जाने से एक मजदूर की मौत हो गई। तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। हालांकि मृतक के पिता ने पुलिस में दी तहरीर में खेत की रखवाली के दौरान टीला ढहने की बात कही है। लोगों का कहना है कि पिता ने अवैध खनन करा रहे माफियाओं के दबाव में यह तहरीर दी है।
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कोतवाली क्षेत्र के पाड़ादेव (रिसौरा) गांव में अवैध खनन हो रहा हैं। पोकलैंड मशीनों से टीले खोदकर बालू निकाली जा रही है। मंगलवार की रात करीब 12 बजे टीले खेत का मालिक ट्रैक्टर लेकर बालू भरने आया था।
इसमें 5 मजदूर भी सवार थे। बालू भरते समय अचानक टीला ढह गया और बालू भर रहा मजदूर सूरजदीन (30) पुत्र भाऊ यादव बालू और मिट्टी के मलबे में दब गया। सोखा पुत्र सजीवन, नाती पुत्र भाईलाल और सुरेश यादव मजदूर घायल हो गए। अन्य मजदूरों ने आनन फानन मलबे में दबे सूरजदीन को बाहर निकाला। खनन करा रहे बालू माफिया ने अपने वाहन से उसे मेडिकल कालेज पहुंचाया। यहां कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
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मृतक सूरजदीन मूल रूप से कालिंजर थाना क्षेत्र के गोपरा गांव का रहने वाला था। रिसौरा में अपनी बुआ के घर आया था। उधर, मृतक के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि सूरजदीन तीन दिन पहले अपनी बुआ सावित्री के घर आया था। बीती रात बुआ के लड़के के साथ खेत की रखवाली करने गया था। वहां अचानक टीला ढह जाने से दबकर घायल हो गया।
मेडिकल कालेज में उसकी मौत हो गई। लोगों में चर्चा है कि पिता ने यह तहरीर बालू माफियाओं को बचाने को उन्हें के दबाव में दी है। अवैध खनन का विरोध क्षेत्रीय विधायक ने भी किया था, लेकिन कोई लगाम नहीं लगी। उधर, कोतवाली प्रभारी गिरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के पिता ने तहरीर में कहा है कि खेत की रखवाली के दौरान रात में बारिश होने से टीला ढह जाने से मौत हुई है।
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