बांदा। बुंदेलखंड में बालू के अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई की बांदा के बालू सिंडीकेट पर नजर की खबर ने बालू माफियाओं और कारोबारियों की बेचैनी बढ़ा दी है। सीबीआई के रडार में बांदा तीन वर्ष पूर्व आ गया था। अगस्त, 2016 में सीबीआई टीम बांदा के खनिज कार्यालय से कई अभिलेख ले गई थी।
बांदा की सीमा से जुडे़ हमीरपुर और फतेहपुर जिलों में सीबीआई की जांच काफी अरसे से चल रही है। हालांकि किसी पर शिकंजा नहीं कसा है। गुरुवार (21 नवंबर) को सीबीआई टीम ने पड़ोसी जिले फतेहपुर में जांच पड़ताल की। खनिज कार्यालय से अभिलेख देखे।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की अगली निगाह बांदा में अवैध खनन और सिंडीकेट पर है। यह खबर शुक्रवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद बालू कारोबार से जुडे़ लोगों की बेचैनी बढ़ गई।
वर्ष 2016 में अगस्त के अंतिम सप्ताह में सीबीआई टीम ने बांदा खनिज कार्यालय से खदानों के पट्टे और भंडारण करने वालों की सूची तथा रिक्त खनन क्षेत्रों की सूची अपने कब्जे ले थी। बताते हैं कि सीबीआई का इस पर काम जारी हैं।