नमक की अफवाह के बाद बाजार में लोगों को समझाते एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह।
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बांदा। नमक ने शुक्रवार की रात नींद ‘हराम’ कर दी। शाम से छूटा शिगूफा पूरी रात जारी रहा। उधर, प्रशासन सोता रहा। अफसरों की नींद तब खुली जब मुख्यमंत्री का डंडा चला। अधिकारियों के सड़क पर आते-आते नमक के नाम पर जबर्दस्त तांडव हो चुका था।
काला बाजारियों और मुनाफाखोरों ने अफवाह के चक्कर में आ गए लोगों से 30 गुना तक ज्यादा पैसे वसूल लिए। चुटकियों में खर्च होने वाला नमक बोरियों में खरीदा गया। कई कालाबाजारियों को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा, लेकिन सुबह उन्हें छोड़ दिया। प्रशासन का कहना है अफवाह पर ध्यान न दें। नमक की कोई कमी नहीं है।
शुक्रवार की शाम तक सिर्फ नोटों की चर्चा थी। सूरज ढलने के आसपास यह अफवाह तेजी से फैल गई कि नमक का जबर्दस्त संकट होने वाला है। चैनलों में चलाई गई खबरों ने आग में घी का काम किया। लोग घरों से दुकानों की तरफ दौड़ पड़े।
नमक के लिए भगदड़ सी मच गई। दुकानदारों ने माजरा समझा तो मौके का फायदा उठाया। 10 रुपये किलो बिकने वाला नमक का भाव हर पल बढ़ते-बढ़ते कुछ ही देर में 300 रुपये किलो तक आ गया। शहर से लेकर गांवों और कस्बों तक में लोगों ने बोरियों नमक खरीद डाला। अफरातफरी और कुछ दुकानों में नमक की लूट जैसी स्थिति हो गई।
अफसरों की नींद तब खुली जब देर रात लखनऊ से इस अफवाह पर सख्त कार्रवाई का फरमान आया। एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह और क्षेत्राधिकारी डॉ. राकेश कुमार मिश्रा लाव-लश्कर के साथ निकल पड़े। उनके वाहन के पीछे कोतवाली पुलिस की जीप लगी। पुलिस वाहन से यह एनाउंस किया गया कि जो दुकानदार कालाबाजारी करेगा उसे गिरफ्तार किया जाएगा। अफवाह फैलाने वालों को भी पकड़ा जाएगा।
मुख्य बाजार में जमी भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा। दुकानें बंद कराईं। इक्का-दुक्का दुकानों को हिरासत में लिया। बाद में छोड़ भी दिया। एसडीएम श्री सिंह ने कहा कि कालाबाजारियों और अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। इनकी सूची तैयार की जा रही है। उन पर कार्रवाई होगी।