अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। फुटपाथ पर बेसहारा जिंदगी बसर करने वालों को खाना पहुंचाती रही बांदा रोटी बैंक सोसाइटी ने अब महिला सशक्तीकरण में भी अपनी एंट्री दर्ज कराई है। इसी के तहत मंगलवार को सोसाइटी के तत्वावधान में पांच जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीन मुफ्त उपलब्ध कराई।
ये महिलाएं अब इन्हीं मशीनों से सिलाई कर अपना गुजारा करेंगी। मैरिज हाल में आयोजित समारोह में नजमा खानम (मर्दन नाका), प्रीति शिवहरे (बन्योटा), नजमी (अतर्रा रोड), रेखा (खुटला), शबनम बानो (रहुनिया) को सिलाई मशीनें दी गईं। इस मौके पर उपायुक्त (उद्योग) जहीरुद्दीन सिद्दीकी, सोसाइटी संरक्षक डा. शेख सादी जमां, प्रधानाचार्य (जीजीआईसी) बीना गुप्ता, चंद्रमौलि भारद्वाज, मनीष कुमार श्रीवास्तव, अशोक वीर चौहान, व्यापारी नेता अमित गुप्ता, फरहत सहित सोसाइटी के तुफैल, अशफाक, मुईन फारुकी, विष्णु साहू, कासिम खां, मुंतजिर वारसी, प्रसून श्रीवास्तव, शमीम, सैफ सिद्दीकी, अख्तर किरमानी, आयुषी त्रिपाठी, अब्दुल मुजीब, शरीफ, रूबी जैनब, रेशमा खान, शबीना आदि मौजूद थे। सोसाइटी अध्यक्ष रिजवान अली ने आभार जताया।
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समाचार पत्र विक्रेता संघ का स्थापना दिवस आज
बांदा। समाचार पत्र विक्रेता संघ नए वर्ष में संगठन का नया चुनाव करेगा। मौजूदा जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। यह निर्णय मंगलवार को जीआईसी ग्राउंड में संघ की बैठक में लिया गगया। मीडिया प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि नए चुनाव के लिए चुनाव प्रभारी राजकुमार गुप्ता को बनाया गया है। 19 जनवरी तक उनके पास चुनाव लड़ने के इच्छुक समाचार पत्र वितरक नामांकनपत्र दाखिल कर सकेंगे। उधर, संघ के तीन वर्ष पूरे होने पर 30 दिसंबर को सुबह 5 बजे स्टेशन रोड स्थित सेंटर में केक काटकर स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष घासीराम निषाद, सचिव जयप्रकाश कबीर, कोषाध्यक्ष सुरेशचंद्र गुप्ता, सोशल मीडिया प्रभारी मंजुल मयंक शुक्ला, मोहम्मद नजीर, त्रिजुगी नारायण, बउवा गुप्ता, मलखान कबीर, गरीबदास, दिनेशचंद्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, दीपक कुमार अनुरागी, कमलेश पाल आदि मौजूद थे। (संवाद)
गरीबी की वेदना को झेलता किसान...
बांदा। सुदामापुरी कीर्ति निकेतन में साहित्यकार समाजसेवी संस्थान की काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे कवि जवाहर लाल जलज ने कहा कि यह गोष्ठी नवोदित कवियों को रचना के प्रति प्रेरित करती है। दीन दयाल सोनी ने कविता सुनाई- गरीबी की वेदना झेलता किसान, कैसे बनेगा देश मेरा महान। मनोज कुमार मृदुल ने किसानों की समस्याओं को उकेरा। चंद्रप्रकाश ने हास्य व्यंग में सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार किया। बाला प्रसाद यादव बाल कवि (झांसी), ठाकुरदास पंक्षी, छाया सिंह, ओम प्रकाश मसुरहा, संजय निगम, डा. भानुप्रताप सिंह, धनंजय सिंह, कमलेश, श्रेया मिश्रा, शिवप्रकाश सिंह, आरसी योगा आदि मौजूद थे। प्रकाश चंद्र सक्सेना विनीत ने सभी का आभार जताया। (संवाद)