बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के 58 और ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बसें एक दिसंबर से फर्राटा भरेंगी। अभी 45 रूटों पर बसों का संचालन शुरू किया गया है। इससे 150 गांवों के पांच हजार से अधिक ग्रामीण यात्रियों को लाभ मिल रहा है। मंडल के चारों जिलों के 103 ग्रामीणें रूटों पर बसें चलाने की योजना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह परिवहन निगम को पिछड़े ग्रामीण मार्गों पर बसें चलाने के आदेश दिए थे। जनप्रतिनिधियों से ऐसे मार्ग जहां पर बसों के संचालन की जरूरत है, की सूची शासन अथवा आरएम व एआरएम को देने के लिए कहा था। शासन के आदेशों पर परिवहन निगम ने मंडल के पिछड़े गांवों के रूटों का सर्वे कराया। इसमें 98 रूट बस संचालन के लिए उपयुक्त पाए गए। उधर, पांच रूटों की सूची जन प्रतिनिधियों ने दी है।
क्षेत्रीय प्रबंधक प्रबंधक संदीप अग्रवाल ने बताया कि चिह्नित 127 पिछड़े गांवों के 45 रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया है। बांदा में 14, महोबा में 13, हमीरपुर में 10, राठ में 8 रूट शामिल है। बसों के संचालन से 150 गांवों के पांच हजार से अधिक यात्रियोंरेको बस सेवा का लाभ मिला है। पहली दिसंबर तक बाकी ग्रामीण मार्गों पर भी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
रोडवेज को रोजाना 22.50 लाख रुपये घाटा
परिवहन निगम के मानक के अनुसार रोजाना एक बस एक लाख रुपये आय लाती है, लेकिन ग्रामीण मार्गों पर चलने वाली 45 बसें 50 फीसदी भी आय नहीं ला पा ररी हैं। ऐसे में प्रतिदिन करीब 22.50 लाख का निगम को ग्रामीणों रूटों पर घाटा उठाना पड़ रहा है।
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