बांदा। विकास और राजस्व में बेहतरीन काम करने पर
प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किए गए डीएम सुरेश कुमार को शुक्रवार को यहां
प्रशासनिक अफसरों और कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने सम्मानित किया। इस अवसर
पर डीएम ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं बल्कि यहां के हर अफसर और
कर्मचारी का है।
गुरुवार को लखनऊ में आयोजित समारोह में प्रदेश के
वरिष्ठ कैबिनेट और राजस्व मंत्री शिवपाल यादव ने डीएम को प्रश्स्ति पत्र
देकर सम्मानित किया और शाबासी। शुक्रवार को लखनऊ से लौटे डीएम को यहां
कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने सम्मानित किया।
इस
मौके पर एडीएम डीएस पांडेय ने बताया कि वर्ष 2015 में अतिवृष्टि में
22,502 लाख रुपये, सूखा वितरण में 450 लाख रुपये प्रभावितों को बांटे गए।
वर्ष 2014 में चेकों के माध्यम से किसानों आदि को 4670 लाख रुपये बांटे गए।
यह बांदा जनपद के इतिहास में पीड़ितों की मदद का नया रिकार्ड है।
उन्होंने
बताया कि वर्ष 2015-16 में 50 लाख रुपये के कंबल, दो करोड़ का खाद्यान्न
वितरण और एक करोड़ का भूसा खरीदा और बांटा गया है। 19 लोगों को मुख्यमंत्री
विवेकाधीन कोष से सात-सात लाख रुपये गिए गए हैं। यह सब डीएम की अथक
कोशिशों का नतीजा है।
सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव ने बताया कि
विकास और राजस्व की ग्रेडिंग में चित्रकूटधाम मंडल के बांदा को पहला स्थान
मिला है। कोषाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि जनपद को इतनी सहायता राशि कभी
नहीं मिली।
प्रशासनिक अधिकारी और संघ महामंत्री सईद अहमद ने जन
सुनवाई और तहसील दिवसों की सफलता बताई। अध्यक्ष ओमप्रकाश खरे सहित
कलेक्ट्रेट कर्मियों ने डीएम को माला पहनाकर फूलों का तोहफा दिया। संचालन
मोहम्मद शाकिर ने किया।
डीएम सुरेश कुमार ने कहा है कि वह जनपद के हर
किसान, ग्रामीण और फरियादी के प्रति पूरी सहानुभूति रखते हैं। शासन की मंशा
के अनुरूप जरूरतमंदों को मदद पहुंचाई जा रही है। अन्ना जानवरों के बारे
में भी वह गंभीर हैं।
उनको शासन द्वारा दिए गए सम्मान का श्रेय
यहां के नागरिकों, किसानों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया को है। डीएम
ने कहा कि उन्होंने अन्ना जानवरों में गाय, भैंस की कोई बात नहीं कही।
प्रशासन घर-घर में भूसा नहीं पहुंचा सकता ऐसा भी नहीं कहा।