बांदा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बांटे गए जूता-मोजा और स्कूली बैग की क्वालिटी घटिया होने की शिकायतों पर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच कराकर आख्या तलब की है। चित्रकूटधाम मंडल में सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा की गई जांच पर अब सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से सात दिन के अंदर निष्प्रयोज्य और खस्ताहाल बैग व जूता-मोजा की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही बच्चों की साइजवार इस सामग्री की संख्या पूछी है।
अगस्त में जिले के सभी 2035 प्राइमरी व जूनियर परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत 2 लाख 6 हजार 763 बालक-बालिकाओं को जूता, मोजा और बैग बांटे गए थे। कुछ स्थानों से शिकायत हुईं कि स्कूल बैग और जूता-मोजा घटिया हैं। यह सामग्री शासन स्तर से खरीदी गई है। शिकायतों का शासन ने संज्ञान लिया है।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) ने हाल ही में सभी जिलाधिकारियों और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक) को जूता-मोजा और स्कूल बैग की आपूर्ति व वितरण की जांच के आदेश दिए थे। इस पर चित्रकूटधाम मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) जीएस राजपूत ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
शुक्रवार (29 नवंबर) को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश पत्र में अपर मुख्य सचिव के आदेशों और सहायक शिक्षा निदेशक जांच आख्या का हवाला देकर कहा है कि अपने ब्लाक के विद्यालयों के बारे में अनुपालन आख्या 7 दिन के अंदर उन्हें उपलब्ध कराएं। साथ ही आपूर्ति किए गए जूता-मोजा और स्कूल बैग में निष्प्रयोज्य/जर्जर की साइजवार संख्या और स्पष्ट आख्या दें।