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Banda News: पूर्व परियोजना प्रबंधक समेत चार के विरुद्ध गबन की रिपोर्ट

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अतर्रा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज भवन निर्माण में धांधली उजागर हुई है। ठेकेदार के दोबारा चार करोड़ नौ लाख रुपये का भुगतान करा लेने का खुलासा होने पर परियोजना प्रबंधक ने संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें तत्कालीन परियोजना प्रबंधक समेत तीन नामजद किए गए हैं। उनके विरुद्ध गबन, धोखाधड़ी आदि की धाराएं लगाई गई हैं।
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कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) उत्तर प्रदेश जल निगम के परियोजना प्रबंधक सर्वेश कुमार ने थाने में दी तहरीर में कहा है कि वर्ष 2009 में शासन ने डॉ. भीमराव आंबेडकर इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के निर्माण की स्वीकृति दी थी। इसकी लागत 126.05 करोड़ थी। परियोजना के निर्माण का जिम्मा (सीएंडडीएस) जल निगम की यूनिट-48 को दिया गया था। पूर्व परियोजना प्रबंधक/सहायक अभियंता पीएन कटियार (सेवानिवृत्त-2015), जेई अवधेश कुमार त्रिवेदी (सेवानिवृत्त-2017), स्थानिक अभियंता आरके सक्सेना (सेवानिवृत्त-2017) व लेखाकार विजयराम (सेवानिवृत्त-2016) ने अलग-अलग मदों की दरों में संशोधन और अतिरिक्त वस्तुओं को शामिल करके 4.09 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। साथ ही ग्रुप को गलत जानकारी देकर गुमराह किया।
वर्तमान परियोजना प्रबंधक ने 4.09 करोड़ की हानि व गबन में पूर्व परियोजना प्रबंधक पीएन कटियार के पास से वसूली धनराशि 68 लाख 28 हजार 181 रुपये, अवधेश कुमार त्रिवेदी के पास से वसूल की राशि 41 लाख 76 हजार 570 रुपये, आरके सक्सेना के पास से 40 लाख 5 हजार 866 रुपये और विजयराम के पास से वसूली धनराशि 81 लाख 82 हजार 437 रुपये गबन व सरकारी संपत्ति अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना इंस्पेक्टर मनोज शुक्ला का कहना है कि नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वह खुद मामले की जांच कर रहे हैं।
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