बांदा में केंद्र और राज्य सरकारों के विरुद्ध प्रदर्शन करते मजदूर संगठन।
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बांदा। आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियन के बैनर तले शुक्रवार को यहां कताई मिल मजदूर मोर्चा और निर्माण मजदूर यूनियन ने संयुक्त रूप से शहर के मुख्य मार्गों में जुलूस निकाला। केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ हल्ला बोल के नारे लगाए। उप श्रमायुक्त कार्यालय का घेराव किया। सभा में केंद्र और राज्य सरकारों को मजदूर विरोधी बताते हुए जमकर कोसा। भाकपा माले के प्रभारी और एक्टू संयोजक तथा कताई मिल मोर्चा अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने मोदी सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि मजदूर और किसान विरोधी नीतियों को लागू नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदेश के विधायकों और मंत्रियों द्वारा मनमाने बढ़ाए गए वेतन और भत्तों का विरोध किया। बुंदेलखंड के किसानों की दुर्दशा और कताई मिल को चालू करने के बजाए कौड़ियों के मोल बेंचने की तैयारियों की निंदा की। नलकूप खंड महामंत्री बीडी चौबे ने 12 घंटे प्रस्तावित काम के प्रस्ताव का विरोध किया। सिधारीलाल, शिवराम, राजबहादुर, भगवती, पूर्व प्रधान नत्थू, रामनरेश यादव, अश्वनी, बब्बू, किशोरीलाल, कल्लू, दन्ना, हीरालाल इत्यादि शामिल रहे। उधर, अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। मंडल अध्यक्ष नीलम वर्मा ने आंगनबाड़ियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये की मांग की। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष राज कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री आरजे शर्मा, उपाध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी व संयुक्त मंत्री बाबूराम मिश्रा भी शरीक हुए। इस मौके पर संघ जिलाध्यक्ष किरन सेठी, महामंत्री रजनी मरजीना, शैल सिंह, सुधा सिंह, माया वर्मा, शोभा श्रीवास्तव, निर्मला, रामप्यारी, पवन, रेखा, रामदेवी, सुनीता, सत्यवती आदि शामिल रहीं।