उत्तर प्रदेश विधानमंडल दल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन कई दशकों से बंद पड़ी बांदा कताई मिल का निरीक्षण किया। समिति ने सरकार द्वारा चलाई जा रही वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के तहत बांदा में शजर पत्थर का उद्योग लगाने की संभावना के मद्देनजर मुख्य विकास अधिकारी को इस बारे में 15 दिन के अंदर पूरा ब्योरा और प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बांदा शहर के नजदीक मवई गांव में कताई मिल 1992 से बंद पड़ी है। मशीनें कबाड़ और बिल्डिंग जर्जर हो गई हैं। काफी मात्रा में सामान चोरी हो चुका है। कताई मिल मोर्चा अध्यक्ष रामप्रवेश यादव आदि कई मजदूर नेता इसे चालू करने की लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी बीच विधान मंडल की समिति ने कताई मिल का निरीक्षण किया। समिति में शामिल स्थानीय बृजेश कुमार प्रजापति ने समिति के सभापति व अन्य सदस्यों को मिल की बाबत जानकारी दी। समिति में विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह (रायबरेली), विधायक सूर्यभान सिंह (सुल्तानपुर) इत्यादि शामिल रहे।