बांदा। सूखती और मुरझाई खेती तथा परती पड़े खेतों के
लिए रविवार को हुई बारिश संजीवनी साबित हुई। हालांकि किसान इसे नाकाफी बता
रहे हैं।
दो दिनों तक छाए रहे बादल रविवार की शाम बरस पड़े। करीब
10 मिलीमीटर बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। चित्रकूटधाम मंडल में
अक्तूबर के अंतिम दिन बारिश हुई थी।
फिर रोजाना मौसम गर्म और धूप
का रहा। पानी नहीं बरसा। किसान बुवाई नहीं कर सके। बोई जा चुकीं फसलें
मुरझा गईं। नवंबर की विदाई में रविवार को सुबह से गहरे बादल छा गए।
शाम
तीन बजे लगभग 10 मिनट तक तेज बारिश हुई। कुछ देर बाद बादल फिर बरसे।
रुक-रुक कर कई बार मामूली बारिश हुई। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक
चित्रकूटधाम मंडल में करीब 9.45 मिमी बारिश हुई।
अधिकतम और न्यूनतम
तापमान में दो डिग्री गिरावट आई। इससे ठंड बढ़ गई। मौसम विभाग में
पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी एक-दो दिनों में अच्छी बारिश के आसार हैं।
उधर,
कृषि वैज्ञानिक डा. मुलायम सिंह परिहार ने बताया कि फसलों की बुवाई के लिए
करीब 40 मिमी बारिश की दरकार है। इतनी बारिश हो जाए तो किसानों को पलेवा
नहीं करना पड़ेगा।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में रविवार
को दोपहर हुई छिटपुट बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी है। बारिश ने ठंड
में भी इजाफा कर दिया है।