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Banda News: कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी में 22 दिन बाद रवींद्र गुप्ता गिरफ्तार

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फोटो-34-आरोपी रवींद्र गुप्ता। स्रोत: पुलिस
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बांदा। कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी के मामले में बिसंडा पुलिस ने 22 दिन बाद शुक्रवार को मुख्य आरोपी अतर्रा निवासी प्रियांशु उर्फ किशन के जीजा रवींद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया।
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पुलिस ने उसे बांदा-चित्रकूट रोड पर बदौसा स्टेशन रोड तिराहे के पास से शाम करीब छह बजे गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक वह कहीं जाने की फिराक में था। रवींद्र गुप्ता हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बरुआ गांव का निवासी है। उसके नाम पर टेढ़ा हमीरपुर स्थित ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस स्वीकृत था। इसी लाइसेंस पर 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त सिरप मंगवाई गई थी।
तीन सितंबर को एसटीएफ प्रयागराज और बिसंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने 250 पेटियों में भरी 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त सिरप बरामद की थी। इसकी कीमत करीब 60.45 लाख रुपये बताई गई थी। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दो वाहनों को सीज किया गया था। जांच में रवींद्र गुप्ता की मेडिकल एजेंसी और लाइसेंस के जरिए सिरप मंगवाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
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पुलिस के अनुसार सिरप को मेडिकल स्टोरों पर बिक्री के बजाय रैपर बदलकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नशे के कारोबार में खपाया जाता था। अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में इसे महंगे दामों पर सप्लाई किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
मुख्य आरोपी प्रियांशु उर्फ किशन को पुलिस सात सितंबर को आगरा से गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा धीरेंद्र निवासी नहर पुरवा, थाना बिसंडा, प्रवीण उर्फ लकी निवासी लखन कॉलोनी अतर्रा, रोहित निवासी रामलीला मैदान अतर्रा और शेखर निवासी भैना, थाना बहादुरगढ़, हापुड़ को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। रवींद्र की गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
वर्जन
कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी के मामले में वांछित रवींद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। उसकी मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस और कोडीनयुक्त सिरप की खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले में अन्य तथ्यों की पड़ताल जारी है। अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।कृष्णकांत त्रिपाठी, सीओ बबेरू
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