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कांशीराम कालोनी में पुलिस का छापा

Sun, 09 Aug 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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शब्बीर हत्याकांड के बाद से पुलिस की नजरें कांशीराम कालोनियों पर टेढ़ी हैं। पुलिस इन्हें जरायम का अड्डा मानकर छापेमारी कर रही है। रविवार को हरदौली स्थित कांशीराम कालोनी में प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की मौजूदगी में टीम ने छानबीन की। हालांकि कुछ हाथ नहीं लगा, अवैध रूप से रहने वालों की सूची तैयार कर उन्हें आवास खाली करने की हिदायत दे दी गई।
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ईद के दिन निम्नीपार कांशीराम कालोनी में मर्दन नाका निवासी शब्बीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तभी से इन कालोनियों में रहने वालों के प्रति पुलिस का रवैया सख्त हो गया।

रविवार को अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय और अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल, उप जिलाधिकारी विनय कुमार पाठक, क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह (नगर) व प्रभात कुमार (सदर) समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल ने हरदौली कांशीराम कालोनी में दबिश दी।
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हर ब्लाक और आवास में रहने वालों की पड़ताल की। उनके आवंटन पत्र देखे। मेहमानों को भी नहीं बख्शा। लगभग तीन घंटे तक चली छानबीन में पुलिस के हत्थे कुछ नहीं लगा। इस दौरान अवैध रूप से रहने वालों की सूची तैयार कर उन्हें तुरंत आवास खाली करने की हिदायत दी।

जिन आवासों में ताले पड़े थे उनके बारे में भी पड़ोसियों से पूछताछ की गई। इस दौरान डूडा के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि पांच दिन पूर्व निम्नीपार कांशीराम कालोनी में छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध असलहे, चाकू व कारतूस बरामद किए थे।

एक आरोपी को भी पकड़ा था। अपर एसपी ने बताया कि दोनों कालोनियों में पुलिस गश्त तेज होगी। यहां ठहरने वाले बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी की जाएगी।

उत्पीड़न की शिकायत
बांदा। निम्नीपार कांशीराम कालोनी के बाशिंदों ने पुलिस उप महानिरीक्षक से पुलिस उत्पीड़न की शिकायत की। आरोप लगाया कि कालोनी में जुआड़खाने पुलिस की सांठगाठ से चलते हैं। शब्बीर हत्याकांड के बाद पुलिस का रवैया तानाशाही हो गया है। निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है।

जांच के नाम पर आवंटन पत्र फाड़ दिए गए। कुछ लोगों को पकड़ कर कोतवाली ले गए। बेकसूर साबित होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बाशिंदों ने डीआईजी से उत्पीड़न रोकने और अपराधियों से सांठगाठ करने वाले पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की फरियाद की। शिकायतकर्ताओं में शमीम, फैज, करीम बख्श मंसूरी, हुस्ना, हिना, बब्ली, मुन्ना, शबी, नाजनीन आदि शामिल रहे।
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