अतर्रा। एडीएम संतोष बहादुर सिंह की अध्यक्षता में गठित हॉलिंग कमेटी ने शनिवार को एक और धान मिल में हाईब्रिड और कामन धान की कुटाई कराकर गुणवत्ता जांची। यह मानक के मुताबिक पूरी तरह नहीं मिले।
चावल में टूटन और डैमेज ज्यादा पाया गया। एडीएम ने कहा कि यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। भारतीय खाद्य निगम क्वालिटी नियंत्रण प्रबंधक डीके गौतम ने भी विभागीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष बलराम तिवारी व प्रगतिशील किसान जाहिद अली आदि मौजूद रहे।
उधर, सरकारी क्रय केंद्रों में खरीदे गए धान से चावल की रिकवरी रेट परखने के लिए डीएम की गठित टीम में एडीएम सहित एसडीएम नरैनी वंदना श्रीवास्तव, खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय, गुणवत्ता निरीक्षक (एफसीआई) डीके गौतम, क्षेत्रीय प्रबंधक (पीसीएफ) पुष्पेंद्र कुशवाहा, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अतर्रा समीर कुमार शुक्ला, मंडी सचिव अतर्रा रविंद्र तिवारी समेत मिल प्रबंधक भुवनेश पांडेय (अतर्रा), दिनेश उपाध्याय (गिरवां), आलोक शिवहरे (नरैनी) मौजूद रहे।
चावल में रिकवरी रेट 67 प्रतिशत
अतर्रा। भारतीय खाद्य निगम द्वारा चावल की निर्धारित गुणवत्ता में 67 प्रतिशत रिकवरी रेट सहित 25 प्रतिशत टूटन, नमी 15 प्रतिशत, दागी 3 प्रतिशत सहित 9 बिंदुओं पर मानक के अनुसार धान व चावल लेता 57 प्रतिशत है, जबकि अर्चना फूड प्रोडक्ट लि. में रिकवरी रेट सहित टूटन 35 प्रतिशत, 4 प्रतिशत दराई के बाद दर्ज किया गया है।