बांदा। लोक निर्माण विभाग के मंडलीय कार्यालय में तैनात लिपिक को एसई ने ठेकेदार से मारपीट व अभद्रता के मामले में निलंबित कर दिया है। उन्होंने दो सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई और आख्या के आधार पर लिपिक को दोषी पाया। उसे एक्सईएन कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार मदन कंस्ट्रक्शन कंपनी संचालक नीलू द्विवेदी 28 अगस्त को दोपहर फर्म की परफारमेंस सिक्योरिटी रिलीज की जानकारी लेने पीडब्ल्यूडी वृत्त कार्यालय गए थे। वहां पटल पर तैनात लिपिक शिवम ओमर ने परफारमेंस सिक्योरिटी के बारे में पूछने पर अभद्रता की। आरोप है कि ठेकेदार की सरेआम कॉलर पकड़कर दो-चार थप्पड़ जड़े और खींचते हुए अधीक्षण अभियंता के चेंबर में ले गया। अधीक्षण अभियंता ने लिपिक की हरकत का विरोध किया। इस पर लिपिक उन्हीं से उलझ गया। इससे कार्यालय में कर्मचारियों का मजमा लग गया।
एसई ने मामले की जांच के लिए अधिशासी अभियंता (स्टाफ ऑफीसर) वृत्त राम निवास सिंह यादव और अधिशासी अभियंता (निर्माण खंड भवन) शुभेंद्रु सिंह की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने वृत्त कार्यालय स्टाफ के बयान लेने के साथ घटना का सीसीटीवी फुटेज देखा। जांच पूरी कर आरोपित लिपिक को सरकारी आचरण नियमावली 1956 का उल्लंघन किए जाने का दोषी पाया। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को सौंपी। जांच समिति की आख्या पर उन्होंने लिपिक के निलंबन की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट चित्रकूटधाम मंडल मुख्य अभियंता को प्रेषित की। मुख्य अभियंता के निर्देश पर लिपिक को निलंबित कर दिया गया।