शासन से नामित संस्थाओं से प्रमाणित बीज खरीदने पर ही किसानों को अनुदान दिया जाएगा। एक बार प्रमाणित बीज खरीदने पर किसान को तीन साल तक बीज पर अनुदान नहीं मिलेगा। शासन ने किसी भी किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए ही बीज देने का निर्णय लिया है।
संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि रबी सीजन 2015-16 से बीज अनुदान में यह नियम लागू किया जाएगा। शासन अब फसलों के प्रमाणित बीज कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, यूपी एग्रो, उ.प्र.बीज विकास निगम, इफ्को और कृभको से ही खरीदने पर अनुदान देगा।
निजी विक्रेताओं के जरिये अनुदानित बीज की बिक्री नहीं कराई जाएगी। किसी भी किसानों को दो हेक्टेयर से ज्यादा के बीज पर अनुदान नहीं दिया जाएगा। किसानों को यह प्रमाणित बीज तीन सालों तक प्रयोग करना होगा। यानी किसान को तीन साल के बाद ही अनुदान दिया जाएगा।
उप कृषि निदेशक उमेश चंद्र कटियार ने बताया कि अनुदान योजना का लाभ विभाग में ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही मिलेगा। पंजीकृत किसान स्वेच्छा से नामित संस्थाओं से प्रमाणित बीज पूरे मूल्य पर खरीदेंगे। खरीद की रसीद जमा करने के 15 दिन के अंदर उनके खातों में अनुदान भेजा जाएगा।
20 सितंबर तक होंगे पंजीयन
बांदा। बीज व कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीयन के लिए किसानों को एक माह का और मौका दिया गया है। वे 20 सितंबर तक अपना पंजीयन आनलाइन करा सकेंगे।
किसान डीडी कार्यालय, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, सरकारी कृषि बीज केंद्र अथवा लोकवाणी व साइबर कैफे में आनलाइन करा सकते हैं। उन्हें खतौनी व बैंक पासबुक की फोटोकापी, तीन फोटो, फोटो आईडी की छायाप्रति विकास खंड में जमा करने होंगे।