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वोटर लिस्ट पुनरीक्षण बैठक में नहीं आए जनप्रतिनिधि

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बांदा। आम चुनावों में ऐन मौके पर मतदाता सूचियों में नाम गायब होने या गड़बड़ियों का डंका पीटने वाले राजनीतिक दलों को मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में कोई दिलचस्पी नहीं है। इसकी बानगी गुरुवार को कलक्ट्रेट में डीएम द्वारा बुलाई गई राजनीतिक दलों की नुमाइंदगी बैठक में सामने आई। यह बैठक मतदाता सूची को लेकर थी। कोई जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक या प्रमुख राजनीतिक दलों के अध्यक्ष इत्यादि नदारद रहे। इक्का-दुक्का दलों के नुमाइंदे ही शरीक हुए।
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डीएम आनंद कुमार सिंह ने बैठक के दौरान बताया कि विधानसभा वोटर लिस्टों के पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 17 नवंबर से 20 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दी जा सकेंगी। इस दौरान 22 नवंबर से 13 दिसंबर और 28 नवंबर से 5 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। दावे और आपत्तियों का निस्तारण 5 जनवरी तक किया जाएगा। वोटरलिस्टों का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2021 को होगा। सभी लिस्टें फोटोयुक्त होंगी।
डीएम ने बताया कि पहली जनवरी 2021 को 18 वर्ष उम्र पूरी कर लेने वालों के नाम दर्ज किए जाएंगे। जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) सुधारने के लिए मतदेय स्थलवार जेंडर तैयार किए जाएंगे। जहां जेंडर रेशियो कम है वहां महिलाओं के नाम शामिल कराने को कहा।
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डीएम ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं का चिन्हांकन और ईआरओ नेट पर मैपिंग की कार्रवाई से की जाएगी। डीएम ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करें कि बीएलओ मतदान केंद्रों पर समय से उपस्थित हो रहे हैं या नहीं। बीएलओ का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाए। बैठक में बसपा के लल्लू निषाद, प्रदीप निगम लाला भी रहे।
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