बांदा। कोविड-19 की कुछ बंदिशों के बीच शुक्रवार को पैगंबरे इस्लाम का यौमे विलादत (जन्मदिन) जश्न और परंपरा के साथ मनाया गया। मुख्य आयोजन जुलूसे मोहम्मदी रहा। इसे जत्थों में अलग-अलग निकाला गया। हरे झंडे और झांकियों के बीच नातिया कलाम और धार्मिक नारे गूंजते रहे। जुलूस के पूरे रूट में सड़कों के दोनों ओर आकर्षक सजावट की गई थी। देर रात तक शहर के अधिकांश इलाकों में डीजे और बाजे की धूम रही।
जुमा की नमाज के बाद शहर के विभिन्न इलाकों से आए झंडे और झांकियों के जत्थे कालवनगंज स्थित खानकाह दरगाह और शेख सरवर की मस्जिद के सामने इकट्ठा हुए। जश्ने ईद मीलादुन्नबी कमेटी के लोगों ने हरी झंडी दिखाकर एक-एक जत्थे को रवाना किया। तोप का मॉडल, घोड़ों पर सवार इस्लामी लिबास धारण किए बच्चे, विभिन्न इलाकों के जत्थों की अलग-अलग ड्रेस आकर्षण का केंद्र रही।
अपने निर्धारित रूट छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, शंकर गुरु चौराहा, छावनी, गूलरनाका, अमर टाकीज तिराहा, जामा मस्जिद, जिला पंचायत, अलीगंज आदि से होकर देर रात जुलूस अलीगंज पुलिस चौकी के पास चौराहे पर खत्म हुआ। मर्दननाका कुंजरहटी में झांकियों को पुरस्कृत किया गया। जुलूस के पूरे रूट में एक दिन पूर्व से ही बिजली और झंडे व शबनमी की सजावट कर दी गई थी।
शहर काजी मेराज मसूदी अकील मियां सहित हाजी गुलाम मुस्तफा, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू, अयूब अली, डा.मोहम्मद शोएब, हाजी फारुक अहमद, सभासद लल्लू खां, रोटी बैंक के रिजवान अली, भाजपा के आरिफ खां और राकेश गुप्ता दद्दू इत्यादि शामिल रहे। उधर, नगर क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा, इंसपेक्टर कोतवाली दिनेश सिंह सहित सभी चौकियों की इंचार्ज और महिला व पुरुष कांस्टेबल जगह-जगह तैनात रहे।
हरे परचम के साथ तिरंगे नेे बढ़ाई शान
बांदा। सारी दुनिया को एकता और शांति का पैगाम देने वाले पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के जुलूस में सांप्रदायिक सौहार्द और मुल्क के प्रति मोहब्बत का इजहार हुआ। इस्लामी हरे परचमों के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे भी खूब लहराए और-‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ का संदेश दिया। मुस्लिमों के अलावा हिंदू धर्मावलंबियों ने भी भाग लिया।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति का जताया विरोध
बांदा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो द्वारा इस्लाम को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरुद्ध पूरी दुनिया में मुस्लिमों द्वारा जताए जा रहे विरोध की श्रृंखला में शुक्रवार को यहां भी कुछ युवकों और लोगों ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के चित्र को पैरों तले कुचलकर विरोध जताया। सड़क पर कई स्थानों में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के चित्र पड़े नजर आए।
जुलेसे मोहम्मदी में शामिल झांकियां।- फोटो : BANDA