प्राइवेट टीचर ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी। पिता ने दिमागी संतुलन ठीक न होने की बात कही है। दूसरी घटना में वृद्धा का शव फंदे पर लटका मिला। पुत्र ने परिवार की एक महिला पर हत्या का आरोप लगाया है।
पहली घटना बदौसा थाना क्षेत्र के पंडित पुरवा (पौहार) की है। बदौसा और अतर्रा प्रतिनिधियों के मुताबिक रामकृष्ण त्रिपाठी (32) पुत्र देवीदयाल ने रविवार की शाम घर के कमरे की छत पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पिता के मुताबिक कमरा अंदर से बंद था। दूसरे दरवाजे से अंदर जाकर देखा तो शव लटकता मिला। पिता ने बताया कि परास्नातक शिक्षा पूरी होने के बाद यहां नौकरी न मिलने पर वह अपनी ससुराल सतना में पत्नी संगीता के साथ रहकर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था। पिता के मुताबिक कुछ दिन से उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। ग्वालियर में इलाज कराया जा रहा था। इसी से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली।
उधर, बदौसा थाना प्रभारी आलोक सिंह ने बताया कि परिजनों के हवाले से बताया गया है कि मानसिक रूप से बीमार होने पर आत्महत्या की है।
दूसरी घटना गिरवां थाने के देवरार गांव की है। यहां 70 वर्षीय वृद्धा बुटुवा देवी पत्नी नत्थू राजपूत का शव सोमवार को छप्पर में रस्सी से लटका मिला। पुत्र जयकरन ने बताया कि बंटवारे के बाद मां अलग रहने लगी थीं। जयकरन ने यह भी बताया कि 15 दिन पहले कपड़ों को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई की पत्नी ने मां को मारापीटा था। इसमें मां का पैर टूट गया था। जयकरन ने कहा कि ऐसी हालत में वह खुद फांसी नहीं लगा सकतीं। हत्या की गई है।
गिरवां थानाध्यक्ष लालजी सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। सास-बहू के बीच झगड़े की बात भी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट कराया गया है। रिपोर्ट का इंतजार है।