प्रधानाचार्य को गोली मारने के मामले में पुलिस ने दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक परीक्षा के दौरान मोबाइल छीनने व डांटने से नाराज छात्रों ने प्रधानाचार्य को गोली मारी थी। उधर, आरोपियों को निर्दोष बताते हुए परिजनों समेत तमाम ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि पुलिस ने झूठा फंसाया है।
कोतवाली क्षेत्र के कैलाशपति इंटर कालेज, बेर्रांव के प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक कृष्णा औतार चतुर्वेदी को शनिवार को सुबह कालेज जाते समय बाइक सवार दो युवकों ने पीछे से गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उनका कानपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिक्षक संघों का पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार करने का लगातार दबाव था।
सोमवार को कोतवाली पुलिस ने पतवन गांव निवासी अमित कुमार पाल पुत्र बृजकिशोर पाल व रंजीत विश्वकर्मा पुत्र श्यामलाल विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक तमंचा व कारतूस बरामद हुआ। कोतवाली प्रभारी पीके सिंह का कहना है कि 26 फरवरी को इंटरमीडिएट प्राविधिक कला की परीक्षा के दौरान प्रधानाचार्य ने इन छात्रों से मोबाइल फोन छीन लिया था और डांटा था। इसी रंजिश में यह घटना अंजाम दी। एसआई देवेंद्र मिश्रा, टीआर वर्मा, कांस्टेबिल अजय, नागेंद्र के साथ दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
उधर, दोनों छात्रों के परिजन समेत ग्रामीणों ने एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद को ज्ञापन दिया। कहा कि अमित कानपुर में सीपीएमटी की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था। वह एक विषय की परीक्षा देने आया था। 28 फरवरी को पुुलिस ने उसे घर से पकड़ लिया और पूछताछ कर छोड़ देने का भरोसा दिया।
इसी तरह रंजीत के पिता श्यामलाल ने भी पुत्र को निर्दोष बताते हुए कहा कि रंजीत बीएम प्रथम वर्ष का छात्र है। इंटरमीडिएट प्राविधिक की परीक्षा देने गया था। परिजनों ने चेतावनी दी है कि न्याय न मिला तो पांच मार्च से अनशन करेंगे।