अतर्रा। पीजी कालेज प्रबंधक ने आयोग की ओर से चयनित प्राचार्य को कार्यों में शिथिलता, अनुदानित योजनाओं के कार्यों में उदासीनता व परीक्षाओं में नकल न रोकने समेत अन्य आरोप लगाते हुए सोमवार को निलंबित कर दिया। अंतिम निर्णय के लिए जांच समिति गठित कर कालेज के प्रवक्ता डॉ. दिनेश चंद्र गुप्ता को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी है।
अतर्रा पीजी कालेज में लंबे अर्से से कार्यवाहक प्राचार्य अभिलाष श्रीवास्तव की जगह शिक्षा आयोग से चयनित होकर आए प्रो. आरके दुबे तीन जनवरी 2022 को प्राचार्य बने थे। कालेज के प्रबंधक डॉ. योगेंद्र सिंह ने वित्तीय अनियमितता, कालेज की भूमि की सुरक्षा में लापरवाही, परीक्षाओं में नकल न रोक पाने, कर्मचारियों से अभद्रता करना, शिक्षक से रिश्वत मांगने, हिंदी विभाग के सहायक प्रो. सुरेश कुमार को पदभार ग्रहण न कराने समेत अन्य मामलों में निलंबित कर दिया। उक्त प्रकरण में अंतिम निर्णय के लिए प्रबंध समिति की जांच कमेटी गठित करते हुए रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र गुप्ता को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी है।
पहले भी दो प्राचार्य हो चुके हैं निलंबित
कालेज के इतिहास में आयोग द्वारा चयनित प्राचार्य को निलंबित करने की यह पहली घटना नहीं है। इसके पूर्व वर्ष 1984 में चयनित होकर आए डॉ. विशनलाल गौड़ व सन 2008 में आरए चौरसिया को भी निलंबन का दंश झेलना पड़ा था। करीब 10 साल बाद स्थाई प्राचार्य के पद पर आरके दुबे ने पदभार ग्रहण किया था, लेकिन वह भी लंबी पारी नहीं खेल सके।