मामूली बारिश्ा से भ्ारा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। बुंदेलखंड में प्री मानसून ने बारिश का एहसास करा दिया। गर्मी से बुझे चेहरे खिल उठे। तापमान तीन डिग्री नीचे आ गया। मंडल में औसतन बारिश दो मिलीमीटर रिकार्ड की गई। देर रात तक रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहा। उधर, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारे से फौरी तौर पर खेती को कोई खास फायदा नहीं होगा। भीषण रूप से तप चुकी बुंदेलखंड की धरती को खेती योग्य बनाने के लिए कम से कम 40 मिलीमीटर बारिश की जरूरत है।
सुबह से ही पूरे बुंदेलखंड में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। तेज धूप से राहत महसूस की गई। शाम करीब पांच बजे बांदा में तेज हवा के बीच 2.6 मिलीमीटर, हमीरपुर में 1.5, चित्रकूट में 0.6 और महोबा में 1.4 मिलीमीटर बारिश हुई। आंधी और बारिश में अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई, जो देर रात तक बहाल नहीं हो पाई।
उधर, केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वर्ष 2010 से लगातार प्रत्येक साल 15 जून तक 80 से 100 मिलीमीटर बारिश हुई है लेकिन इस साल अभी तक सिर्फ 5.6 मिलीमीटर ही पानी बरसा है। यानी पिछले पांच वर्षों में यह साल सबसे कम बारिश के लिए दर्ज किया गया।