11 - मटौंध उपकेंद्र में ट्रांसफॉर्मर की अर्थिंग में पानी डालता कर्मचारी। स्रोत: निगम
बांदा। कई मोहल्ले सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बेपटरी है। लोगों को दिनभर 43 डिग्री तापमान में भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। लोग लगातार एक्स से लेकर टोल फ्री नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज कराते रहें, लेकिन इसका कुछ खास असर दिखाई नहीं दिया।
शंकर नगर, कालू कुआँ, चमरौदी, स्वराज नगर में सुबह आठ से बिजली गुल हुई। स्थानीय अनिरुद्ध गुप्ता, रौनक सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि यह सप्ताह में तीसरी बार है कि सुबह आठ बजे से ही बिजली कटौती कर दी गई है। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज की तो पता चला कि लाइनों की मरम्मत के चलते बिजली नहीं आ रही है।
कमासिन क्षेत्र में आवश्यक विद्युत सामग्री की भारी कमी है। मुसीवां पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आए दिन ब्रेकडाउन की समस्या हो रही है, लेकिन निगम के पास मरम्मत के लिए जरूरी सामान उपलब्ध नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि स्टोर में ट्रांसफार्मरों में डाले जाने वाला ऑयल, इंसुलेटर और बिजली के तार जैसी मूलभूत सामग्री तक का अभाव है।
ऐसे में फॉल्ट होने पर उसे तत्काल ठीक करना चुनौती है। उधर, बबेरू उपकेंद्र के अंतर्गत ग्राम गर्गन डेरा, मझीवां में शनिवार शाम करीब सात बजे से बिजली आपूर्ति बाधित है। किसान रामेश्वर यादव, मोतीलाल का कहना है कि इस समय धान की नर्सरी और रोपाई की तैयारी चल रही है। खेतों में सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता सबसे अधिक है, लेकिन आपूर्ति बाधित रहने और फॉल्ट से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता डॉ.रविकांत वर्मा का कहना है कि सरकार की मंशा के अनुसार लोगों को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। अन्य जनपदों से बांदा की बिजली व्यवस्था बहुत बेहतर है।