48 घंटे के अंदर दोबारा भूरागढ़ फीडर सब स्टेशन में आए फाल्ट से शहर के एक दर्जन इलाकों में नववर्ष की सुबह बिना बिजली के हुई। यही हाल दिनभर रहा।
अवर अभियंता को छोड़कर बिजली विभाग के अन्य सभी अभियंता फाल्ट को देखने तक नहीं गए। उनके सीयूजी फोन भी इंगेज रहे। लगा जैसे वे नववर्ष की बधाइयों के लेन-देन में व्यस्त हैं। उधर, अन्य फीडर भी कटौती के अलावा ट्रिपिंग करते रहे।
दो दिन पहले भूरागढ़ सब स्टेशन की ओसीबी फुंक जाने से शहर का एक चौथाई इलाका पूरे दिन बिजली विहीन रहा। जलापूर्ति भी नहीं हुई। सब स्टेशन की खटारा मशीनें 48 घंटे बाद ही बृहस्पतिवार को तड़के फिर जवाब दे गईं।
सुबह करीब 5 बजे ट्रांसफार्मर से जुड़ी मुख्य केबिल फुंक गई। इसकी चिंगारी से ट्रांसफार्मर में भी आग लगी। ट्रांसफार्मर का तेल बह रहा था। नतीजे में नव वर्ष की पहली सुबह तमाम मोहल्लों में बगैर बिजली के हुई। पूरा दिन लोग इसकी वजह जानने के लिए सब स्टेशन और अभियंताओं के फोन मिलाते रहे लेकिन नतीजा सिफर रहा।
एसडीओ से लेकर एक्सईएन, एसई और चीफ इंजीनियरों के फोन व्यस्त मिले। देर शाम तक आपूर्ति चालू नहीं हो पाई। फीडर में आई गड़बड़ी के बावजूद भूरागढ़ सब स्टेशन सिर्फ अवर अभियंता कामता प्रसाद और आरपी सिंह ही पहुंचे। एक्सईएन और एसई तो दूर की बात एसडीओ भी झांकने नहीं गए।
सदर विधायक विवेक सिंह ने बिजली अफसरों के इस रवैए पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि वह पावर कारपोरेशन के प्रमुख सचिव, अध्यक्ष और एमडी से शिकायत करेंगे। लापरवाह अफसरों को दंडित कराया जाएगा।